Debashree Sen
Pacific time readings in Bengali, English and Hindi
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26 अक्टू॰ – 1 नवंबर 2026 · वास्तविक गोचर (स्विस एफेमेरिस, लाहिरी) से गणना। पाठ इन्हीं तथ्यों से लिखा गया है।
इस सप्ताह वृश्चिक राशि के लिए चंद्रमा मेष राशि में, अश्विनी नक्षत्र में, आपके छठे भाव से गोचर कर रहा है। छठा भाव परिश्रम, दिनचर्या और जिम्मेदारियों का क्षेत्र माना जाता है — अतः यह सप्ताह व्यवस्था और अनुशासन पर ध्यान देने का संकेत देता है। आपके राशि स्वामी मंगल नवम भाव में कर्क राशि में हैं और वक्री नहीं हैं; नवम भाव भाग्य, मार्गदर्शन और दूरस्थ संबंधों से जुड़ा है। इसी भाव में गुरु भी कर्क में स्थित हैं। सूर्य, बुध और शुक्र तीनों आपके द्वादश भाव में तुला राशि में हैं, जहाँ बुध और शुक्र वक्री हैं। द्वादश भाव एकांत, विश्राम और आंतरिक चिंतन का भाव है। शनि पंचम भाव में मीन राशि में वक्री, राहु चतुर्थ भाव में कुंभ में वक्री और केतु दशम भाव में सिंह में वक्री हैं। आपकी राशि पर साढ़े साती या ढैया नहीं है।
द्वादश भाव में सूर्य, बुध और शुक्र की स्थिति मन को अंतर्मुखी बना सकती है। संबंधों में खुलकर बातचीत करना इस सप्ताह थोड़ा कठिन लग सकता है, क्योंकि बुध और शुक्र दोनों वक्री हैं। पुरानी बातें फिर सामने आ सकती हैं; उन्हें धैर्य से सुनना और जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न देना उपयुक्त रहेगा। साथी के साथ शांत समय बिताना, बिना किसी निर्णय के, संबंध को सहज बनाए रखने में सहायक हो सकता है। प्रेम पक्ष में सप्ताह कोमलता और संयम की मांग करता है।
दशम भाव में केतु की स्थिति कार्यक्षेत्र में दिशा को लेकर कुछ अस्पष्टता दे सकती है; परंतु नवम भाव में मंगल और गुरु का योग परिश्रम को दिशा देने वाला माना जाता है। नौकरी या व्यवसाय में वरिष्ठजन या मार्गदर्शक से सलाह लेना लाभकारी संकेत है। धन के संदर्भ में स्थिति तुलनात्मक रूप से संतुलित दिखती है, किंतु वक्री बुध के कारण दस्तावेज़ों, गणना और भुगतान में सावधानी रखें। कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय जल्दबाज़ी में न लें; पुनः जाँच के बाद ही आगे बढ़ें।
चंद्रमा का छठे भाव में गोचर शरीर और दिनचर्या के प्रति सजगता की ओर संकेत करता है। नींद, भोजन और विश्राम का नियम बनाए रखना इस सप्ताह उपयुक्त रहेगा। द्वादश भाव की स्थिति मानसिक थकान की ओर इशारा करती है, अतः शांत वातावरण में
| ग्रह | राशि | भाव (वृश्चिक से) |
|---|---|---|
| सूर्य | तुला | 12 |
| चंद्र | मेष | 6 |
| मंगल | कर्क | 9 |
| बुध | तुला · वक्री | 12 |
| गुरु | कर्क | 9 |
| शुक्र | तुला · वक्री | 12 |
| शनि | मीन · वक्री | 5 |
| राहु | कुंभ | 4 |
| केतु | सिंह | 10 |
यह इस सप्ताह के वास्तविक ग्रह गोचर (स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश) से बनता है: हर ग्रह को वृश्चिक से गिने गए भाव में पढ़ा जाता है। चंद्रमा मेष राशि (Ashwini नक्षत्र) में, वृश्चिक से 6वें भाव में है।
नहीं। शनि मीन में, वृश्चिक से 5वें भाव में हैं।
शुभ अंक 7, शुभ रंग मैरून।
बुध, शुक्र, शनि वक्री हैं (राहु-केतु सदा वक्री चलते हैं)।
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