जल्द शुरू हो रहा है। अभी हम ऑर्डर नहीं ले रहे हैं। आप साइट देख सकते हैं; शुरुआत के लिए निःशुल्क दैनिक पंचांग देखें. Kael Tripton Ltd, Anthropic के Claude Startups प्रोग्राम का सदस्य है।

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
English·न्यूज़लेटर·खाता
दिव्य पंचांगम्DivyaPanchangamपंचांग, मुहूर्त, मंदिर और हिंदू जगत — हर सुबह, हर शहर

12 राशियाँ · Vrishchik (Scorpio)

वृश्चिक

राशि क्रम12 में से 8
पाश्चात्य नामScorpio
राशि-चक्र में विस्तार210°–240° निरयण (लाहिरी)
स्वामीमंगल
तत्वजल
स्वभावस्थिर
नक्षत्रविशाखा (4), अनुराधा, ज्येष्ठा
यहाँ उच्च—
यहाँ नीचचंद्र
शुभ रंगलाल / मैरून
रत्नमूंगा

वृश्चिक राशि — परिचय

वृश्चिक (Scorpio) वैदिक ज्योतिष की बारह राशियों में आठवीं राशि है। यह सायन (सिडेरियल) गणना पर आधारित है, जिसे लाहिरी पद्धति में 210° से 240° के बीच माना जाता है। जो पाठक अपनी कुंडली या राशिफल से अपनी राशि जानते हैं, उनके लिए यह एक संदर्भ-पृष्ठ है।

वृश्चिक का स्वामी मंगल (Mars) है। इसका तत्त्व जल है और स्वभाव स्थिर है। इस राशि में आने वाले नक्षत्र हैं — विशाखा (चरण 4), अनुराधा और ज्येष्ठा। यहाँ कोई ग्रह उच्च नहीं होता, और चंद्रमा यहाँ नीच माना जाता है। शुभ रंग लाल और मैरून, तथा रत्न मूँगा (लाल मूँगा) कहा गया है।

ध्यान रहे कि ज्योतिष की परंपराएँ — उत्तर और दक्षिण, स्मार्त और वैष्णव, अमांत और पूर्णिमांत — कहीं-कहीं भिन्न हैं। इसलिए व्यक्तिगत फलादेश के लिए योग्य ज्योतिषी से अपनी कुंडली मिलवाना उचित रहता है।

स्वभाव

जल तत्त्व और स्थिर स्वभाव का मेल वृश्चिक को गहराई और दृढ़ता देता है। जल भावना, अंतर्दृष्टि और भीतर की ओर बहाव का प्रतीक है; स्थिरता उसे टिकाऊ और अडिग बनाती है। मंगल की स्वामित्व-शक्ति इसमें साहस और निर्णय की तीव्रता जोड़ती है। परिणाम यह कि वृश्चिक को प्रायः एक गूढ़, केंद्रित और सहनशील स्वभाव वाली राशि माना जाता है — जो सतह पर नहीं, गहराई में काम करना पसंद करती है।

व्यक्तित्व और शक्तियाँ

ये सब प्रवृत्तियाँ हैं, न कि निश्चित परिणाम। कुंडली में ग्रहों की स्थिति इन्हें दिशा देती है।

सावधानियाँ

इन्हें दोष नहीं, बल्कि संतुलन की दिशा के रूप में देखा जा सकता है।

करियर

स्थिर स्वभाव और एकाग्रता ऐसे कार्यों में सहायक माने जाते हैं जिनमें दीर्घकालिक निष्ठा, गहन शोध या विश्लेषण चाहिए। जल तत्त्व भावना और अंतर्दृष्टि से जुड़े क्षेत्रों की ओर संकेत करता है, और मंगल का स्वामित्व साहस तथा नेतृत्व वाले कार्यों की ओर। यह केवल प्रवृत्ति-संकेत है; वास्तविक दिशा कुंडली के अन्य भावों और ग्रह-योगों पर निर्भर करती है।

प्रेम और विवाह

वृश्चिक को प्रायः गहरे, टिकाऊ और निष्ठापूर्ण संबंधों की राशि माना जाता है। भावनात्मक गहराई जुड़ाव को मजबूत बनाती है, पर गोपनीयता और संदेह संवाद में बाधा बन सकते हैं। विवाह-संबंधी कोई भी निर्णय मिलन-कुंडली और ग्रह-स्थिति के अध्ययन के बाद ही लेना उचित है — यहाँ कोई शुभ या अशुभ फल का दावा नहीं किया जा रहा।

स्वास्थ्य

जल तत्त्व वाली राशियों में भावनाओं का संचय और मानसिक तनाव सामान्य प्रवृत्ति मानी जाती है। नियमित दिनचर्या, पर्याप्त विश्राम और खुला संवाद सामान्य संतुलन में सहायक हो सकते हैं। यह सामान्य ज

प्रश्न

वृश्चिक राशि का स्वामी कौन है?

वृश्चिक (Scorpio) राशि का स्वामी मंगल है।

वृश्चिक राशि में कौन-से नक्षत्र आते हैं?

विशाखा (4), अनुराधा, ज्येष्ठा।

वृश्चिक राशि का तत्व और स्वभाव क्या है?

वृश्चिक जल तत्व की स्थिर राशि है।

संबंधित

यह भी देखें

12 राशियाँ में और