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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
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शुभ मुहूर्त · Mundan Muhurat

मुंडन मुहूर्त

अगली तिथि बुधवार, 27 जनवरी 2027 · 07:11–12:33, 13:54–17:56 IST · षष्ठी

नक्षत्रअश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
तिथियाँचतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी (रिक्ता) और अमावस्या को छोड़कर कोई भी
वारसोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
मासचैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, माघ, फाल्गुन (पूर्णिमांत)
वर्जितअधिक (मल) मास; पितृ पक्ष; गुरु या शुक्र अस्त; खरमास (सूर्य धनु या मीन में); चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक); होलाष्टक
समय खंडसूर्योदय से सूर्यास्त तक वे घंटे जब नक्षत्र और तिथि दोनों उपयुक्त हों, राहु काल छोड़कर; कम से कम 48 मिनट
टिप्पणीचूड़ाकरण, सामान्यतः पहले, तीसरे या पाँचवें वर्ष में; बच्चे का जन्म मास टाला जाता है (अपने पुरोहित से पूछें)।

मुंडन मुहूर्त 2027: शेष तिथियाँ

जनवरी 20273 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
बुध, 27 जन॰07:11–12:33, 13:54–17:56 ISTहस्तषष्ठी
गुरु, 28 जन॰07:11–13:54, 15:15–17:57 ISTचित्रासप्तमी
शुक्र, 29 जन॰07:10–11:13, 12:34–17:57 ISTस्वातिअष्टमी

फ़रवरी 20278 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
सोम, 1 फ़र॰07:09–08:30, 09:52–18:00 ISTज्येष्ठादशमी / एकादशी
सोम, 8 फ़र॰07:04–08:27, 09:50–18:05 ISTशतभिषाद्वितीया
गुरु, 11 फ़र॰07:02–13:58, 15:21–18:08 ISTरेवतीपंचमी
शुक्र, 12 फ़र॰07:02–11:12, 12:35–18:09 ISTअश्विनीषष्ठी
गुरु, 18 फ़र॰06:57–13:59, 15:24–18:13 ISTपुनर्वसुद्वादशी / त्रयोदशी
शुक्र, 19 फ़र॰06:56–11:10 ISTपुष्यत्रयोदशी
गुरु, 25 फ़र॰06:50–14:00, 15:26–18:18 ISTचित्रा / स्वातिपंचमी
शुक्र, 26 फ़र॰06:49–10:13 ISTस्वातिषष्ठी

मार्च 20274 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
शुक्र, 5 मार्च06:42–11:05, 12:32–18:23 ISTश्रवणद्वादशी / त्रयोदशी
बुध, 10 मार्च10:52–12:31, 14:00–18:26 ISTरेवतीद्वितीया / तृतीया
गुरु, 11 मार्च06:35–14:00 ISTरेवती / अश्विनीतृतीया
सोम, 15 मार्च09:30–18:29 ISTमृगशिरासप्तमी / अष्टमी

अप्रैल 20274 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
बुध, 21 अप्रैल05:49–12:20, 13:57–18:50 ISTस्वातिप्रतिपदा
बुध, 28 अप्रैल17:30–18:54 ISTश्रवणअष्टमी
गुरु, 29 अप्रैल05:42–13:57 ISTश्रवणअष्टमी
शुक्र, 30 अप्रैल17:14–18:55 ISTधनिष्ठादशमी

मई 20278 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
सोम, 10 मई18:08–19:01 ISTपुनर्वसुपंचमी
बुध, 12 मई05:32–12:17, 13:59–14:56 ISTपुष्यसप्तमी
मंगल, 18 मई05:28–07:11, 08:53–16:04 ISTचित्रा / स्वातित्रयोदशी
शुक्र, 21 मई15:43–19:08 ISTज्येष्ठाप्रतिपदा / द्वितीया
शनि, 22 मई05:26–10:35, 12:17–16:50 ISTज्येष्ठाद्वितीया
गुरु, 27 मई05:24–12:18, 14:01–19:11 ISTधनिष्ठासप्तमी
शुक्र, 28 मई05:24–14:01, 15:45–19:12 ISTधनिष्ठा / शतभिषासप्तमी / अष्टमी
शनि, 29 मई05:24–08:20 ISTशतभिषाअष्टमी

जून 20279 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
मंगल, 1 जून05:23–07:07, 08:51–19:14 ISTरेवती / अश्विनीएकादशी / द्वादशी
शनि, 5 जून07:02–10:35, 12:19–19:16 ISTमृगशिराप्रतिपदा
मंगल, 8 जून12:22–19:17 ISTपुष्यपंचमी
मंगल, 15 जून05:22–07:07, 08:52–18:23 ISTस्वातिद्वादशी
शुक्र, 18 जून05:23–14:07, 15:51–19:21 ISTज्येष्ठापूर्णिमा
मंगल, 22 जून08:53–13:07 ISTश्रवणतृतीया
गुरु, 24 जून05:24–12:23, 14:08–19:22 ISTधनिष्ठा / शतभिषापंचमी / षष्ठी
शुक्र, 25 जून05:24–14:08, 15:53–17:07 ISTशतभिषाषष्ठी
मंगल, 29 जून05:25–07:10, 08:55–19:23 ISTअश्विनीदशमी

जुलाई 20271 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
मंगल, 6 जुल॰05:28–06:34 ISTपुष्यतृतीया

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के लिए गणना; समय IST में। अपने शहर और परिवार के लिए सटीक समय अपने पुरोहित से तय कराएँ।

इस संस्कार के लिए समय का महत्व

मुंडन, जिसे चूड़ाकरण भी कहा जाता है, बालक के पहले केश-कर्तन का संस्कार है। परंपरा में यह संस्कार प्रायः पहले, तीसरे या पाँचवें वर्ष में किया जाता है। ज्योतिष की दृष्टि से देखें तो मुहूर्त का अर्थ केवल "शुभ दिन" ढूँढ़ना नहीं है — यह देखना है कि उस दिन और उस समय आकाशीय गणना किस प्रकार की स्थिति बना रही है। पंचांग के पाँच अंगों में तिथि, वार, नक्षत्र और योग का संबंध इस संस्कार से जोड़ा गया है।

यहाँ यह स्पष्ट कर देना उचित है कि यह सूची केवल दिन-स्तर के पंचांग की जाँच करती है। यह किसी बालक के जन्म-कुंडली का आकलन नहीं करती और न ही किसी परिणाम का वचन देती है। शास्त्रीय परंपरा में मुहूर्त को "समय का चयन" माना गया है, "परिणाम का निर्धारण" नहीं। इसलिए इसे एक सहायक सूची की तरह पढ़ें, अंतिम निर्णय की तरह नहीं।

दिन-सूची को कैसे पढ़ें

इस पृष्ठ पर दिखाई जाने वाली तिथियाँ नई दिल्ली के लिए गणना किए गए पंचांग से बनाई गई हैं। किसी दिन को सूची में तभी रखा जाता है जब वह नीचे दिए गए सभी स्तरों पर उत्तीर्ण हो:

सूची में दिखाई जाने वाली तिथियाँ और समय-खिड़कियाँ इस पृष्ठ पर डेटाबेस से प्रदर्शित की जाती हैं। यहाँ गद्य में कोई तिथि नहीं लिखी गई है, क्योंकि समय-खिड़कियाँ स्थान और वर्ष के अनुसार बदलती रहती हैं। मोबाइल पर पढ़ते समय प्रत्येक दिन के सामने दी गई खिड़की को ध्यान से देखें — कभी-कभी एक ही दिन में नक्षत्र बदलने से खिड़की छोटी या बड़ी हो सकती है।

लागू किए गए नियम

नीचे वे शास्त्रीय मानदंड दिए गए हैं जिनके आधार पर दिन-सूची बनाई जाती है।

नक्षत्र

अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और रेवती — ये नक्षत्र मुंडन के लिए उपयुक्त माने गए हैं।

तिथि

चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी (ऋक्ता) और अमावस्या को छोड़कर शेष सभी तिथियाँ ली जाती हैं।

वार और मास

वार — सोम, बुध, गुरु, शुक्र। मास — चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, माघ, फाल्गुन (पूर्णिमांत)।

निषिद्ध काल

अधिक मास, पितृ पक्ष, गुरु या शुक्र का अस्त, खरमास, चातुर्मास और होलाष्टक — इन अवधियों में मुंडन नहीं रखा जाता।

समय-सीमा

जब नक्षत्र और तिथि दोनों पात्र हों, सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच, राहु काल को छोड़कर, और कम से कम 48 मिनट की अवधि उपलब्ध हो — ऐसी खिड़की ही सूची में आती है।

यह भी ध्यान रखें कि परंपराएँ भिन्न-भिन

मुंडन मुहूर्त 2028

जनवरी 20284 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
सोम, 17 जन॰07:30–08:33, 09:52–17:47 ISTहस्तषष्ठी / सप्तमी
बुध, 19 जन॰07:14–12:29 ISTस्वातिअष्टमी
गुरु, 27 जन॰07:11–13:54, 15:14–17:56 ISTश्रवणप्रतिपदा
शुक्र, 28 जन॰07:11–11:13, 12:34–17:56 ISTधनिष्ठाद्वितीया

फ़रवरी 20288 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
बुध, 2 फ़र॰07:08–12:34, 13:56–18:00 ISTरेवती / अश्विनीषष्ठी / सप्तमी
गुरु, 3 फ़र॰07:08–11:39 ISTअश्विनीसप्तमी
सोम, 7 फ़र॰07:05–08:28, 09:50–11:09 ISTमृगशिराएकादशी / द्वादशी
सोम, 14 फ़र॰07:00–08:24, 09:48–18:10 ISTहस्त / चित्रापंचमी
बुध, 16 फ़र॰06:59–12:26 ISTस्वातिसप्तमी
बुध, 23 फ़र॰06:52–10:44 ISTश्रवणत्रयोदशी
शुक्र, 25 फ़र॰16:07–18:18 ISTशतभिषाप्रतिपदा
सोम, 28 फ़र॰13:39–18:20 ISTरेवतीतृतीया

मार्च 20282 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
बुध, 1 मार्च06:45–12:33, 14:00–17:53 ISTअश्विनीपंचमी
सोम, 13 मार्च06:32–08:02, 09:31–18:28 ISTचित्रातृतीया

अप्रैल 20282 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
बुध, 19 अप्रैल05:51–12:20, 13:57–18:49 ISTधनिष्ठा / शतभिषादशमी / एकादशी
गुरु, 20 अप्रैल05:50–13:57, 15:35–18:50 ISTशतभिषाएकादशी / द्वादशी

मई 20289 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
सोम, 1 मई05:40–07:19, 08:59–18:56 ISTपुनर्वसु / पुष्यसप्तमी
सोम, 8 मई05:34–07:15, 08:56–17:42 ISTस्वातिपूर्णिमा
बुध, 10 मई15:53–19:02 ISTज्येष्ठाद्वितीया
गुरु, 11 मई05:32–13:59 ISTज्येष्ठातृतीया
सोम, 15 मई05:30–07:11, 08:53–19:05 ISTश्रवणसप्तमी
मंगल, 16 मई05:29–07:11, 08:53–19:05 ISTधनिष्ठाअष्टमी
शनि, 20 मई12:17–19:08 ISTरेवतीद्वादशी
गुरु, 25 मई14:38–19:11 ISTमृगशिराद्वितीया
शुक्र, 26 मई05:25–14:01 ISTमृगशिराद्वितीया / तृतीया

जून 20284 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
मंगल, 13 जून05:22–07:07, 08:51–19:20 ISTधनिष्ठा / शतभिषाषष्ठी / सप्तमी
शनि, 17 जून05:23–10:37, 12:22–19:21 ISTरेवतीदशमी
शनि, 24 जून05:24–10:38, 12:23–19:22 ISTपुनर्वसुद्वितीया
गुरु, 29 जून10:51–12:24, 14:09–19:23 ISTहस्तअष्टमी

जुलाई 20281 दिन

तारीख़समयनक्षत्रतिथि
शनि, 1 जुल॰05:26–10:40, 12:25–19:23 ISTचित्रा / स्वातिदशमी

प्रश्न

मुंडन मुहूर्त की तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं?

नई दिल्ली के गणना किए गए पंचांग से: कोई दिन तभी सूची में आता है जब उसका वार और मास उपयुक्त हों, इनमें से कुछ न चल रहा हो (अधिक (मल) मास; पितृ पक्ष; गुरु या शुक्र अस्त; खरमास (सूर्य धनु या मीन में); चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक); होलाष्टक), और राहु काल के बाहर कम से कम 48 मिनट तक नक्षत्र और तिथि दोनों ऊपर की सूची में हों।

मुंडन मुहूर्त के लिए कौन-से नक्षत्र शुभ हैं?

अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती।

क्या इस सूची की तिथि अपने आप में पर्याप्त है?

नहीं। यह सूची केवल दिन-स्तर का पंचांग देखती है। व्यक्तिगत बातें (संबंधित लोगों की कुंडली, ताराबल और चंद्रबल, चुने गए समय का लग्न और कुल की परंपरा) समय तय करने से पहले आपके पुरोहित या ज्योतिषी देखते हैं।

यह भी देखें

शुभ मुहूर्त में और

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