व्रत और उपवास · Ekadashi
एकादशी
अगली तिथि गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 · एकादशी तक 09:18 UTC
| कब | हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि (वर्ष में 24–26) |
|---|---|
| देवता | विष्णु |
| विधि | अन्न का त्याग; अगली सुबह सूर्योदय के बाद द्वादशी के भीतर पारण |
एकादशी 2026 की तिथियाँ
- माघ कृष्ण
- बुधवार, 14 जनवरी 2026एकादशी तक 12:23 UTC
- माघ शुक्ल
- गुरुवार, 29 जनवरी 2026एकादशी तक 08:25 UTC
- फाल्गुन कृष्ण
- शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026एकादशी तक 08:56 UTC
- फाल्गुन शुक्ल
- शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026एकादशी तक 17:03 UTC
- चैत्र कृष्ण
- रविवार, 15 मार्च 2026एकादशी तक 03:47 UTC
- चैत्र शुक्ल
- रविवार, 29 मार्च 2026एकादशी तक 02:16 UTC
- वैशाख कृष्ण
- सोमवार, 13 अप्रैल 2026एकादशी तक 19:39 UTC
- वैशाख शुक्ल
- सोमवार, 27 अप्रैल 2026एकादशी तक 12:46 UTC
- ज्येष्ठ कृष्ण
- बुधवार, 13 मई 2026एकादशी तक 08:00 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- मंगलवार, 26 मई 2026एकादशी तक 00:52 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- गुरुवार, 11 जून 2026एकादशी तक 17:06 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- गुरुवार, 25 जून 2026एकादशी तक 14:39 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- शनिवार, 11 जुलाई 2026द्वादशी तक 20:34 UTC
- आषाढ़ शुक्ल
- शनिवार, 25 जुलाई 2026एकादशी तक 06:04 UTC
- श्रावण कृष्ण
- रविवार, 9 अगस्त 2026एकादशी तक 05:35 UTC
- श्रावण शुक्ल
- रविवार, 23 अगस्त 2026एकादशी तक 22:49 UTC
- भाद्रपद कृष्ण
- सोमवार, 7 सितंबर 2026एकादशी तक 11:34 UTC
- भाद्रपद शुक्ल
- मंगलवार, 22 सितंबर 2026एकादशी तक 16:13 UTC
- आश्विन कृष्ण
- मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026एकादशी तक 19:05 UTC
- आश्विन शुक्ल
- गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026एकादशी तक 09:18 UTC
- कार्तिक कृष्ण
- गुरुवार, 5 नवंबर 2026एकादशी तक 05:06 UTC
- कार्तिक शुक्ल
- शनिवार, 21 नवंबर 2026द्वादशी तक 23:27 UTC
- मार्गशीर्ष कृष्ण
- शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026एकादशी तक 18:15 UTC
- मार्गशीर्ष शुक्ल
- रविवार, 20 दिसंबर 2026एकादशी तक 14:45 UTC
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
महत्व
एकादशी प्रत्येक पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को पड़ती है। वर्ष भर में यह लगभग 24 से 26 बार आती है, क्योंकि शुक्ल और कृष्ण — दोनों पक्षों की ग्यारहवीं तिथि इसी नाम से जानी जाती है। इस व्रत के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु हैं। परंपरा में एकादशी को विष्णु-आराधना का दिन माना गया है, और इसीलिए यह व्रत करने वाले साधक उस दिन अपना ध्यान जप, श्रवण, कीर्तन और सात्त्विक आचरण पर केंद्रित रखते हैं।
यह व्रत कोई एक समुदाय तक सीमित नहीं है। भारत में तथा प्रवासी समुदायों में अनेक श्रद्धालु इसे नियमित रूप से रखते हैं, कुछ वर्ष में कुछ ही एकादशियाँ, और कुछ सभी। जो लोग व्रत का संकल्प लेते हैं, वे सामान्यतः अपनी शारीरिक स्थिति, आयु, कार्य-परिस्थिति और पारिवारिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए इसका पालन करते हैं। ज्योतिष या धर्म-परंपरा में व्यक्तिगत निर्णय के लिए योग्य ज्योतिषी या अपने कुल-गुरु से परामर्श लेना उचित माना जाता है।
यहाँ दी गई तिथियाँ पंचांग के आधार पर परिकलित की जाती हैं और इस पृष्ठ पर इस वर्ष तथा आने वाले दो वर्षों के लिए दिखाई जाती हैं। किसी विशेष स्थान के लिए स्थानीय सूर्योदय और पंचांग-पद्धति के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।
व्रत विधि — चरण दर चरण
1. संकल्प और तैयारी
व्रत से पहले दिन या उसी प्रातः संकल्प लेने की परंपरा है। संकल्प में यह भाव रखा जाता है कि व्रत विष्णु-स्मरण के लिए किया जा रहा है। घर में स्वच्छता, स्नान और शांत वातावरण व्रत के अनुकूल माने जाते हैं।
2. दिन का पालन
एकादशी के दिन अन्न का त्याग किया जाता है। कई साधक पूर्ण उपवास रखते हैं, कई फलाहार लेते हैं, और कई केवल अन्न छोड़कर दूध, फल या जल ग्रहण करते हैं। यह चयन व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और परंपरा पर निर्भर करता है। दिन भर जप, ध्यान, विष्णु-सहस्रनाम या कीर्तन का अभ्यास इस व्रत का मुख्य अंग माना जाता है।
3. रात्रि-जागरण
कुछ परंपराओं में रात्रि-जागरण और भजन-कीर्तन का विधान है, तो कुछ में शांत चिंतन और स्वाध्याय को प्रधानता दी जाती है। दोनों में भाव एक ही है — मन को सांसारिक भोग से हटाकर स्मरण में लगाना।
4. पारण
व्रत का समापन अगले दिन प्रातः सूर्योदय के बाद, द्वादशी तिथि के भीतर पारण से होता है। पारण का अर्थ है व्रत तोड़ना, और परंपरा में इसे द्वादशी के भीतर ही करने पर बल दिया जाता है।
क्या खाएँ, क्या छोड़ें
एकादशी का मुख्य नियम है — अन्न का त्याग। इसके अतिरिक्त कई साधक कुछ और वस्तुओं से भी परहेज़ करते हैं, पर इनकी सूची उत्तर और दक्षिण, स्मार्त और वैष्णव परंपराओं में भिन्न-भिन्न है। इसलिए यहाँ कोई एक सूची थोपना उचित नहीं; अपने कुल या गुरु की परंपरा का पालन करना ही उपयुक्त माना जाता है।
- छोड़ें: अन्न, तथा वे पदार्थ जिन्हें आपकी परंपरा वर्जित मानती है।
- ले सकते हैं: जल, दूध, फल, और वे सात्त्विक पदार्थ जिनकी अनुमति आपकी परंपरा में हो।
- ध्यान रखें: उपवास की तीव्रता अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार रखें। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
व्रत का उद्देश्य शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि संयम और स्मरण है। इसलिए अनेक परंपराओं में यह कहा जाता है कि जो साधक
एकादशी 2027 की तिथियाँ
- पौष कृष्ण
- रविवार, 3 जनवरी 2027एकादशी तक 10:38 UTC
- पौष शुक्ल
- मंगलवार, 19 जनवरी 2027एकादशी तक 02:19 UTC
- माघ कृष्ण
- मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027एकादशी तक 05:40 UTC
- माघ शुक्ल
- बुधवार, 17 फ़रवरी 2027एकादशी तक 12:02 UTC
- फाल्गुन कृष्ण
- बुधवार, 3 मार्च 2027एकादशी तक 01:54 UTC
- फाल्गुन शुक्ल
- गुरुवार, 18 मार्च 2027एकादशी तक 20:21 UTC
- चैत्र कृष्ण
- शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027एकादशी तक 21:22 UTC
- चैत्र शुक्ल
- शनिवार, 17 अप्रैल 2027एकादशी तक 03:58 UTC
- वैशाख कृष्ण
- रविवार, 2 मई 2027एकादशी तक 14:22 UTC
- वैशाख शुक्ल
- रविवार, 16 मई 2027एकादशी तक 11:43 UTC
- ज्येष्ठ कृष्ण
- मंगलवार, 1 जून 2027एकादशी तक 04:10 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- सोमवार, 14 जून 2027एकादशी तक 20:38 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- बुधवार, 30 जून 2027एकादशी तक 15:01 UTC
- आषाढ़ शुक्ल
- बुधवार, 14 जुलाई 2027एकादशी तक 07:40 UTC
- श्रावण कृष्ण
- शुक्रवार, 30 जुलाई 2027द्वादशी तक 20:48 UTC
- श्रावण शुक्ल
- गुरुवार, 12 अगस्त 2027एकादशी तक 21:30 UTC
- भाद्रपद कृष्ण
- शनिवार, 28 अगस्त 2027एकादशी तक 07:12 UTC
- भाद्रपद शुक्ल
- शनिवार, 11 सितंबर 2027एकादशी तक 14:06 UTC
- आश्विन कृष्ण
- रविवार, 26 सितंबर 2027एकादशी तक 14:19 UTC
- आश्विन शुक्ल
- सोमवार, 11 अक्टूबर 2027एकादशी तक 08:39 UTC
- कार्तिक कृष्ण
- सोमवार, 25 अक्टूबर 2027एकादशी तक 21:52 UTC
- कार्तिक शुक्ल
- बुधवार, 10 नवंबर 2027एकादशी तक 03:41 UTC
- मार्गशीर्ष कृष्ण
- बुधवार, 24 नवंबर 2027एकादशी तक 06:41 UTC
- मार्गशीर्ष शुक्ल
- गुरुवार, 9 दिसंबर 2027एकादशी तक 21:50 UTC
- पौष कृष्ण
- गुरुवार, 23 दिसंबर 2027एकादशी तक 17:42 UTC
एकादशी 2028 की तिथियाँ
- पौष शुक्ल
- शनिवार, 8 जनवरी 2028एकादशी तक 14:06 UTC
- माघ कृष्ण
- शनिवार, 22 जनवरी 2028एकादशी तक 07:34 UTC
- माघ शुक्ल
- सोमवार, 7 फ़रवरी 2028एकादशी तक 03:55 UTC
- फाल्गुन कृष्ण
- रविवार, 20 फ़रवरी 2028एकादशी तक 00:16 UTC
- फाल्गुन शुक्ल
- मंगलवार, 7 मार्च 2028एकादशी तक 15:00 UTC
- चैत्र कृष्ण
- मंगलवार, 21 मार्च 2028एकादशी तक 18:44 UTC
- चैत्र शुक्ल
- गुरुवार, 6 अप्रैल 2028द्वादशी तक 20:22 UTC
- वैशाख कृष्ण
- गुरुवार, 20 अप्रैल 2028एकादशी तक 13:17 UTC
- वैशाख शुक्ल
- शुक्रवार, 5 मई 2028एकादशी तक 06:03 UTC
- ज्येष्ठ कृष्ण
- शनिवार, 20 मई 2028एकादशी तक 06:31 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- शनिवार, 3 जून 2028एकादशी तक 11:56 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- रविवार, 18 जून 2028एकादशी तक 21:45 UTC
- आषाढ़ शुक्ल
- रविवार, 2 जुलाई 2028एकादशी तक 18:34 UTC
- श्रावण कृष्ण
- मंगलवार, 18 जुलाई 2028एकादशी तक 10:56 UTC
- श्रावण शुक्ल
- मंगलवार, 1 अगस्त 2028एकादशी तक 03:21 UTC
- भाद्रपद कृष्ण
- बुधवार, 16 अगस्त 2028एकादशी तक 22:19 UTC
- भाद्रपद शुक्ल
- बुधवार, 30 अगस्त 2028एकादशी तक 15:17 UTC
- आश्विन कृष्ण
- शुक्रवार, 15 सितंबर 2028एकादशी तक 08:12 UTC
- आश्विन शुक्ल
- शुक्रवार, 29 सितंबर 2028एकादशी तक 06:37 UTC
- कार्तिक कृष्ण
- शनिवार, 14 अक्टूबर 2028एकादशी तक 16:59 UTC
- कार्तिक शुक्ल
- शनिवार, 28 अक्टूबर 2028एकादशी तक 00:51 UTC
- मार्गशीर्ष कृष्ण
- सोमवार, 13 नवंबर 2028एकादशी तक 01:12 UTC
- मार्गशीर्ष शुक्ल
- सोमवार, 27 नवंबर 2028एकादशी तक 20:48 UTC
- पौष कृष्ण
- मंगलवार, 12 दिसंबर 2028एकादशी तक 09:43 UTC
- पौष शुक्ल
- बुधवार, 27 दिसंबर 2028एकादशी तक 16:57 UTC
प्रश्न
एकादशी 2026 में कब है?
एकादशी अगली बार गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 (एकादशी तक 09:18 UTC) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
अगला एकादशी कब है?
इस वर्ष और अगले दो वर्षों की तिथियाँ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी गई हैं।
एकादशी कैसे रखा जाता है?
अन्न का त्याग; अगली सुबह सूर्योदय के बाद द्वादशी के भीतर पारण।
व्रत और उपवास में और
- अजा एकादशीAja Ekadashi
- अहोई अष्टमीAhoi Ashtami
- अमावस्याAmavasya
- आमलकी एकादशीAmalaki Ekadashi
- अपरा एकादशीApara Ekadashi
- देवशयनी एकादशीDevshayani Ekadashi
- मासिक दुर्गाष्टमीMasik Durgashtami
- गुरुवार व्रतGuruvar Vrat
- हल षष्ठीHal Shashti
- इंदिरा एकादशीIndira Ekadashi
- जया एकादशीJaya Ekadashi
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)Jivitputrika Vrat (Jitiya)
- कजरी तीजKajari Teej
- कामिका एकादशीKamika Ekadashi
- चंद्र ग्रहणLunar eclipse (Chandra Grahan)
- कामदा एकादशीKamada Ekadashi
- मंगलवार व्रतMangalvar Vrat
- कालाष्टमीKalashtami
- मासिक शिवरात्रिMasik Shivaratri
- मोक्षदा एकादशीMokshada Ekadashi
- निर्जला एकादशीNirjala Ekadashi
- पापांकुशा एकादशीPapankusha Ekadashi
- मोहिनी एकादशीMohini Ekadashi
- पापमोचनी एकादशीPapmochani Ekadashi
- परिवर्तिनी एकादशीParivartini Ekadashi
- प्रदोष व्रतPradosh Vrat
- पूर्णिमाPurnima
- रमा एकादशीRama Ekadashi
- पौष पुत्रदा एकादशीPausha Putrada Ekadashi
- ऋषि पंचमीRishi Panchami
- सकट चौथSakat Chauth
- संकष्टी चतुर्थीSankashti Chaturthi
- संक्रांतिSankranti
- संतोषी माता व्रतSantoshi Mata Vrat
- सफला एकादशीSaphala Ekadashi
- शनिवार व्रतShanivar Vrat
- षटतिला एकादशीShattila Ekadashi
- शीतला अष्टमीSheetala Ashtami
- श्रावण पुत्रदा एकादशीShravana Putrada Ekadashi
- स्कंद षष्ठीSkanda Shashti
- सोमवार व्रतSomvar Vrat
- सूर्य ग्रहणSolar eclipse (Surya Grahan)
- उत्पन्ना एकादशीUtpanna Ekadashi
- वरूथिनी एकादशीVaruthini Ekadashi
- वरलक्ष्मी व्रतम्Varalakshmi Vratam
- वट पूर्णिमा व्रतVat Purnima Vrat
- वट सावित्री व्रतVat Savitri Vrat
- विजया एकादशीVijaya Ekadashi
- विनायक चतुर्थीVinayaka Chaturthi
- योगिनी एकादशीYogini Ekadashi