व्रत और उपवास · Pradosh Vrat
प्रदोष व्रत
अगली तिथि शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · त्रयोदशी तक 08:07 UTC
| कब | हर पक्ष की त्रयोदशी, प्रदोष काल (सूर्यास्त ±1 घंटा 30 मिनट) |
|---|---|
| देवता | शिव |
| विधि | संध्या तक उपवास; प्रदोष काल में शिव पूजा |
प्रदोष व्रत 2026 की तिथियाँ
- पौष शुक्ल
- गुरुवार, 1 जनवरी 2026त्रयोदशी तक 16:52 UTC
- माघ कृष्ण
- शुक्रवार, 16 जनवरी 2026त्रयोदशी तक 16:52 UTC
- माघ शुक्ल
- शनिवार, 31 जनवरी 2026त्रयोदशी तक 02:56 UTC
- फाल्गुन कृष्ण
- रविवार, 15 फ़रवरी 2026त्रयोदशी तक 11:35 UTC
- फाल्गुन शुक्ल
- रविवार, 1 मार्च 2026त्रयोदशी तक 13:39 UTC
- चैत्र कृष्ण
- मंगलवार, 17 मार्च 2026त्रयोदशी तक 03:53 UTC
- चैत्र शुक्ल
- मंगलवार, 31 मार्च 2026त्रयोदशी तक 01:26 UTC
- वैशाख कृष्ण
- बुधवार, 15 अप्रैल 2026त्रयोदशी तक 17:01 UTC
- वैशाख शुक्ल
- बुधवार, 29 अप्रैल 2026त्रयोदशी तक 14:22 UTC
- ज्येष्ठ कृष्ण
- शुक्रवार, 15 मई 2026त्रयोदशी तक 03:01 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- शुक्रवार, 29 मई 2026त्रयोदशी तक 04:21 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- शनिवार, 13 जून 2026त्रयोदशी तक 10:38 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- शनिवार, 27 जून 2026त्रयोदशी तक 19:13 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- रविवार, 12 जुलाई 2026त्रयोदशी तक 17:00 UTC
- आषाढ़ शुक्ल
- सोमवार, 27 जुलाई 2026त्रयोदशी तक 10:45 UTC
- श्रावण कृष्ण
- मंगलवार, 11 अगस्त 2026चतुर्दशी तक 20:23 UTC
- श्रावण शुक्ल
- बुधवार, 26 अगस्त 2026त्रयोदशी तक 02:29 UTC
- भाद्रपद कृष्ण
- बुधवार, 9 सितंबर 2026त्रयोदशी तक 07:01 UTC
- भाद्रपद शुक्ल
- गुरुवार, 24 सितंबर 2026त्रयोदशी तक 17:48 UTC
- आश्विन कृष्ण
- गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026त्रयोदशी तक 16:46 UTC
- आश्विन शुक्ल
- शनिवार, 24 अक्टूबर 2026त्रयोदशी तक 08:07 UTC
- कार्तिक कृष्ण
- शनिवार, 7 नवंबर 2026त्रयोदशी तक 05:18 UTC
- कार्तिक शुक्ल
- रविवार, 22 नवंबर 2026त्रयोदशी तक 21:07 UTC
- मार्गशीर्ष कृष्ण
- रविवार, 6 दिसंबर 2026त्रयोदशी तक 20:52 UTC
- मार्गशीर्ष शुक्ल
- मंगलवार, 22 दिसंबर 2026त्रयोदशी तक 08:54 UTC
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
महत्व
प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। यह प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी तिथि को, प्रदोष काल में रखा जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के आसपास का समय माना जाता है — सामान्यतः सूर्यास्त से लगभग डेढ़ घंटा पहले और लगभग डेढ़ घंटा बाद तक। इसी संधि-काल में शिव की पूजा का विधान है।
परंपरा में प्रदोष व्रत को शिव की कृपा, संकल्प-शुद्धि और मन की स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है। यह व्रत उपवास, जप और पूजा के माध्यम से साधक को दिनचर्या में अनुशासन और स्मरण बनाए रखने में सहायक माना गया है। यहाँ यह स्पष्ट करना उचित है कि यह विवरण परंपरागत मान्यताओं पर आधारित है; किसी व्यक्ति विशेष के जीवन में किसी विशेष फल का दावा या आश्वासन इस लेख का उद्देश्य नहीं है।
प्रदोष व्रत कौन रखता है — इसमें कोई कठोर नियम नहीं कि केवल एक वर्ग ही इसे कर सकता है। सामान्यतः वे श्रद्धालु इसे रखते हैं जो शिव-उपासना में रुचि रखते हैं और जिनकी दिनचर्या उपवास तथा सायंकालीन पूजा के अनुकूल हो। घर-गृहस्थी वाले, विद्यार्थी और वृद्ध — सभी अपनी शारीरिक स्थिति और सुविधा के अनुसार इसे अपना सकते हैं। उत्तर और दक्षिण भारत, तथा स्मार्त और वैष्णव परंपराओं में तिथि-गणना (अमांत/पूर्णिमांत) और विधि-विवरण में कुछ भिन्नताएँ देखने को मिलती हैं; इसलिए अपने क्षेत्र और कुल-परंपरा के अनुसार पंचांग देखकर निर्णय लेना उचित रहता है।
व्रत विधि — चरण दर चरण
नीचे दी गई विधि सामान्य परंपरा का सरल रूप है। विस्तृत या विशिष्ट विधान के लिए अपने पुरोहित या किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें।
- संकल्प: प्रातः स्नान के बाद दिन का संकल्प लें कि आज प्रदोष व्रत रखा जाएगा और सायंकाल शिव-पूजा की जाएगी।
- उपवास: दिन भर उपवास रखा जाता है — कुछ लोग निर्जल रहते हैं, कुछ फलाहार लेते हैं। यह अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार तय करें।
- सायं तैयारी: सूर्यास्त से पहले स्नान करके पूजा-स्थान स्वच्छ करें। शिवलिंग या शिव-प्रतिमा के समक्ष दीप, जल, बेलपत्र, फूल और धूप अर्पित करें।
- प्रदोष काल में पूजा: प्रदोष काल के भीतर शिव का पूजन, ॐ नमः शिवाय का जप तथा शिव-स्तोत्र या स्तुति का पाठ करें।
- कथा श्रवण: प्रदोष व्रत की कथा सुनें या पढ़ें, और उसका भाव मन में रखें।
- समापन: पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करें और अगले दिन परना करें।
यह व्रत श्रद्धा और नियमितता पर आधारित है। इसे किसी दबाव या भय से नहीं, बल्कि शांत मन से किया जाना चाहिए।
क्या खाएँ और क्या टालें
उपवास के दिन भोजन को लेकर परंपराएँ अलग-अलग हैं, पर कुछ सामान्य बातें सभी में मिलती हैं।
- फलाहार: फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, सिंघाड़ा और समय-समय पर स्वीकृत व्रत-अनाज लिए जा सकते हैं।
- अनाज और भारी भोजन: सामान्य अनाज, दाल, प्याज-लहसुन तथा तामसिक माने जाने वाले भोजन से बचा जाता है।
- मादक वस्तुएँ: मद्य, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थ वर्जित माने जाते हैं।
- संयम: कई लोग सात्त्विक भोजन और मितभाषण को भी व्रत का अंग मानते हैं।
यदि आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी स्थ
प्रदोष व्रत 2027 की तिथियाँ
- पौष कृष्ण
- मंगलवार, 5 जनवरी 2027त्रयोदशी तक 15:10 UTC
- पौष शुक्ल
- बुधवार, 20 जनवरी 2027त्रयोदशी तक 19:42 UTC
- माघ कृष्ण
- गुरुवार, 4 फ़रवरी 2027त्रयोदशी तक 11:01 UTC
- माघ शुक्ल
- शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2027त्रयोदशी तक 05:44 UTC
- फाल्गुन कृष्ण
- शनिवार, 6 मार्च 2027त्रयोदशी तक 06:34 UTC
- फाल्गुन शुक्ल
- शनिवार, 20 मार्च 2027त्रयोदशी तक 15:15 UTC
- चैत्र कृष्ण
- रविवार, 4 अप्रैल 2027त्रयोदशी तक 23:53 UTC
- चैत्र शुक्ल
- सोमवार, 19 अप्रैल 2027त्रयोदशी तक 00:38 UTC
- वैशाख कृष्ण
- मंगलवार, 4 मई 2027त्रयोदशी तक 14:01 UTC
- वैशाख शुक्ल
- मंगलवार, 18 मई 2027त्रयोदशी तक 10:34 UTC
- ज्येष्ठ कृष्ण
- गुरुवार, 3 जून 2027त्रयोदशी तक 01:05 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- बुधवार, 16 जून 2027त्रयोदशी तक 21:50 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- शुक्रवार, 2 जुलाई 2027त्रयोदशी तक 09:53 UTC
- आषाढ़ शुक्ल
- शुक्रवार, 16 जुलाई 2027त्रयोदशी तक 11:05 UTC
- श्रावण कृष्ण
- शनिवार, 31 जुलाई 2027त्रयोदशी तक 17:28 UTC
- श्रावण शुक्ल
- शनिवार, 14 अगस्त 2027त्रयोदशी तक 02:24 UTC
- भाद्रपद कृष्ण
- सोमवार, 30 अगस्त 2027त्रयोदशी तक 00:43 UTC
- भाद्रपद शुक्ल
- सोमवार, 13 सितंबर 2027त्रयोदशी तक 19:10 UTC
- आश्विन कृष्ण
- मंगलवार, 28 सितंबर 2027त्रयोदशी तक 08:25 UTC
- आश्विन शुक्ल
- बुधवार, 13 अक्टूबर 2027त्रयोदशी तक 12:18 UTC
- कार्तिक कृष्ण
- बुधवार, 27 अक्टूबर 2027त्रयोदशी तक 17:20 UTC
- कार्तिक शुक्ल
- शुक्रवार, 12 नवंबर 2027त्रयोदशी तक 04:51 UTC
- मार्गशीर्ष कृष्ण
- शुक्रवार, 26 नवंबर 2027त्रयोदशी तक 04:18 UTC
- मार्गशीर्ष शुक्ल
- शनिवार, 11 दिसंबर 2027त्रयोदशी तक 20:13 UTC
- पौष कृष्ण
- शनिवार, 25 दिसंबर 2027त्रयोदशी तक 18:02 UTC
प्रदोष व्रत 2028 की तिथियाँ
- पौष शुक्ल
- सोमवार, 10 जनवरी 2028त्रयोदशी तक 10:06 UTC
- माघ कृष्ण
- सोमवार, 24 जनवरी 2028त्रयोदशी तक 10:39 UTC
- माघ शुक्ल
- मंगलवार, 8 फ़रवरी 2028त्रयोदशी तक 22:16 UTC
- फाल्गुन कृष्ण
- बुधवार, 23 फ़रवरी 2028त्रयोदशी तक 05:14 UTC
- फाल्गुन शुक्ल
- गुरुवार, 9 मार्च 2028त्रयोदशी तक 08:32 UTC
- चैत्र कृष्ण
- गुरुवार, 23 मार्च 2028त्रयोदशी तक 00:03 UTC
- चैत्र शुक्ल
- शुक्रवार, 7 अप्रैल 2028त्रयोदशी तक 17:03 UTC
- वैशाख कृष्ण
- शनिवार, 22 अप्रैल 2028त्रयोदशी तक 17:26 UTC
- वैशाख शुक्ल
- रविवार, 7 मई 2028त्रयोदशी तक 00:36 UTC
- ज्येष्ठ कृष्ण
- सोमवार, 22 मई 2028त्रयोदशी तक 08:32 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- सोमवार, 5 जून 2028त्रयोदशी तक 08:19 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- मंगलवार, 20 जून 2028त्रयोदशी तक 21:18 UTC
- आषाढ़ शुक्ल
- मंगलवार, 4 जुलाई 2028त्रयोदशी तक 17:27 UTC
- श्रावण कृष्ण
- गुरुवार, 20 जुलाई 2028त्रयोदशी तक 08:07 UTC
- श्रावण शुक्ल
- गुरुवार, 3 अगस्त 2028त्रयोदशी तक 04:55 UTC
- भाद्रपद कृष्ण
- शुक्रवार, 18 अगस्त 2028त्रयोदशी तक 17:30 UTC
- भाद्रपद शुक्ल
- शुक्रवार, 1 सितंबर 2028त्रयोदशी तक 19:05 UTC
- आश्विन कृष्ण
- रविवार, 17 सितंबर 2028त्रयोदशी तक 02:00 UTC
- आश्विन शुक्ल
- रविवार, 1 अक्टूबर 2028त्रयोदशी तक 11:35 UTC
- कार्तिक कृष्ण
- सोमवार, 16 अक्टूबर 2028त्रयोदशी तक 10:15 UTC
- कार्तिक शुक्ल
- मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028त्रयोदशी तक 05:38 UTC
- मार्गशीर्ष कृष्ण
- मंगलवार, 14 नवंबर 2028त्रयोदशी तक 19:05 UTC
- मार्गशीर्ष शुक्ल
- बुधवार, 29 नवंबर 2028त्रयोदशी तक 00:12 UTC
- पौष कृष्ण
- गुरुवार, 14 दिसंबर 2028त्रयोदशी तक 05:20 UTC
- पौष शुक्ल
- शुक्रवार, 29 दिसंबर 2028त्रयोदशी तक 18:07 UTC
प्रश्न
प्रदोष व्रत 2026 में कब है?
प्रदोष व्रत अगली बार शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 (त्रयोदशी तक 08:07 UTC) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
अगला प्रदोष व्रत कब है?
इस वर्ष और अगले दो वर्षों की तिथियाँ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी गई हैं।
प्रदोष व्रत कैसे रखा जाता है?
संध्या तक उपवास; प्रदोष काल में शिव पूजा।
व्रत और उपवास में और
- अजा एकादशीAja Ekadashi
- अहोई अष्टमीAhoi Ashtami
- अमावस्याAmavasya
- आमलकी एकादशीAmalaki Ekadashi
- अपरा एकादशीApara Ekadashi
- देवशयनी एकादशीDevshayani Ekadashi
- मासिक दुर्गाष्टमीMasik Durgashtami
- एकादशीEkadashi
- गुरुवार व्रतGuruvar Vrat
- हल षष्ठीHal Shashti
- इंदिरा एकादशीIndira Ekadashi
- जया एकादशीJaya Ekadashi
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)Jivitputrika Vrat (Jitiya)
- कजरी तीजKajari Teej
- कामिका एकादशीKamika Ekadashi
- चंद्र ग्रहणLunar eclipse (Chandra Grahan)
- कामदा एकादशीKamada Ekadashi
- मंगलवार व्रतMangalvar Vrat
- कालाष्टमीKalashtami
- मासिक शिवरात्रिMasik Shivaratri
- मोक्षदा एकादशीMokshada Ekadashi
- निर्जला एकादशीNirjala Ekadashi
- पापांकुशा एकादशीPapankusha Ekadashi
- मोहिनी एकादशीMohini Ekadashi
- पापमोचनी एकादशीPapmochani Ekadashi
- परिवर्तिनी एकादशीParivartini Ekadashi
- पूर्णिमाPurnima
- रमा एकादशीRama Ekadashi
- पौष पुत्रदा एकादशीPausha Putrada Ekadashi
- ऋषि पंचमीRishi Panchami
- सकट चौथSakat Chauth
- संकष्टी चतुर्थीSankashti Chaturthi
- संक्रांतिSankranti
- संतोषी माता व्रतSantoshi Mata Vrat
- सफला एकादशीSaphala Ekadashi
- शनिवार व्रतShanivar Vrat
- षटतिला एकादशीShattila Ekadashi
- शीतला अष्टमीSheetala Ashtami
- श्रावण पुत्रदा एकादशीShravana Putrada Ekadashi
- स्कंद षष्ठीSkanda Shashti
- सोमवार व्रतSomvar Vrat
- सूर्य ग्रहणSolar eclipse (Surya Grahan)
- उत्पन्ना एकादशीUtpanna Ekadashi
- वरूथिनी एकादशीVaruthini Ekadashi
- वरलक्ष्मी व्रतम्Varalakshmi Vratam
- वट पूर्णिमा व्रतVat Purnima Vrat
- वट सावित्री व्रतVat Savitri Vrat
- विजया एकादशीVijaya Ekadashi
- विनायक चतुर्थीVinayaka Chaturthi
- योगिनी एकादशीYogini Ekadashi