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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
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व्रत और उपवास · Santoshi Mata Vrat

संतोषी माता व्रत

कब16 शुक्रवार
देवतासंतोषी माता
विधिखट्टा भोजन नहीं; गुड़-चना

संतोषी माता व्रत

संतोषी माता व्रत एक ऐसा व्रत है जिसे श्रद्धालु 16 शुक्रवार तक रखते हैं। इसका संबंध संतोषी माता से है। यह व्रत सरल नियमों के साथ किया जाता है — मुख्य रूप से खट्टा भोजन नहीं करना और गुड़-चना का प्रयोग। इस लेख में व्रत की विधि, भोजन के नियम, पारणा और कथा संक्षेप में दी गई है, ताकि जो साधक इसे करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें व्यवस्थित मार्गदर्शन मिल सके।

महत्व

संतोषी माता व्रत को संतोष, धैर्य और अनुशासन से जोड़कर देखा जाता है। यह व्रत शुक्रवार के दिन किया जाता है और 16 शुक्रवार की अवधि तक चलता है। परंपरा में इसे घर-परिवार की सुख-शांति और मन की स्थिरता के भाव से जोड़ा जाता है। यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि व्रत का फल व्यक्ति-विशेष के लिए न तो निश्चित किया जा सकता है और न ही किसी विशेष परिणाम का दावा किया जा सकता है; यह श्रद्धा और साधना का विषय है। ज्योतिषीय दृष्टि से व्यक्तिगत फलादेश के लिए योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना उचित माना जाता है।

विभिन्न क्षेत्रों और संप्रदायों में व्रत को लेकर परंपराएँ भिन्न हो सकती हैं — जैसे उत्तर और दक्षिण भारत की शैली, अथवा स्मार्त और वैष्णव रीति। इसलिए अपने कुल या स्थानीय परंपरा के अनुसार ही नियम अपनाना श्रेयस्कर माना जाता है।

व्रत विधि — चरणबद्ध

यहाँ विधि सामान्य रूप में दी गई है; विवरण स्थानीय परंपरा के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं।

क्या खाएँ और क्या न खाएँ

इस व्रत का प्रमुख आहार नियम सरल है — खट्टा भोजन नहीं। साथ ही गुड़-चना का प्रयोग किया जाता है।

चूँकि विभिन्न घरों और क्षेत्रों में आहार संबंधी परंपराएँ अलग-अलग होती हैं, इसलिए शेष विवरण अपने परिवार या स्थानीय आचार्य से पुष्ट कर लेना उचित रहता है। यहाँ केवल वही नियम दिए गए हैं जो इस व्रत के लिए उल्लिखित हैं।

पारणा के नियम

पारणा का अर्थ है व्रत खोलना। इस व्रत में पारणा भी उसी शुक्रवार के दिन, नियत विधि के अनुसार किया जाता है और तब तक खट्टा भोजन नहीं तथा गुड़-चना का प्रयोग चलता है। पारणा का समय और क्रम स्थानीय परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकता है, इसलिए अपने कुल-परंपरा के नियम का पालन करें। व्रत की अवधि 16 शुक्रवार

प्रश्न

अगला संतोषी माता व्रत कब है?

संतोषी माता व्रत: 16 शुक्रवार।

संतोषी माता व्रत कैसे रखा जाता है?

खट्टा भोजन नहीं; गुड़-चना।

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