जल्द शुरू हो रहा है। अभी हम ऑर्डर नहीं ले रहे हैं। आप साइट देख सकते हैं; शुरुआत के लिए निःशुल्क दैनिक पंचांग देखें. Kael Tripton Ltd, Anthropic के Claude Startups प्रोग्राम का सदस्य है।

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
English·न्यूज़लेटर·खाता
दिव्य पंचांगम्DivyaPanchangamपंचांग, मुहूर्त, मंदिर और हिंदू जगत — हर सुबह, हर शहर

व्रत और उपवास · Guruvar Vrat

गुरुवार व्रत

कबगुरुवार
देवताबृहस्पति / विष्णु
विधिपीला भोजन; केले के वृक्ष की पूजा

गुरुवार व्रत

गुरुवार व्रत हिन्दू परंपरा में सप्ताह के प्रत्येक गुरुवार को रखा जाने वाला व्रत है। इस दिन बृहस्पति तथा विष्णु की उपासना की जाती है। यह व्रत उन श्रद्धालुओं के लिए है जो नियमित साधना, संयम और श्रद्धा के साथ इसे ग्रहण करना चाहते हैं। यहाँ इसकी विधि, आहार-नियम, पारण तथा संक्षिप्त कथा शांत और सरल ढंग से दी जा रही है।

महत्व

गुरुवार का दिन बृहस्पति को समर्पित माना जाता है, और अनेक परंपराओं में इसी दिन विष्णु की उपासना भी की जाती है। बृहस्पति को ज्ञान, वाणी और मार्गदर्शन से जोड़ा जाता है। इसी भाव से गुरुवार व्रत रखने वाले साधक ज्ञान, संयम और श्रद्धा को अपने जीवन में स्थान देने का संकल्प लेते हैं।

यह व्रत किसी फल की माँग या भय के आधार पर नहीं, बल्कि श्रद्धा और अनुशासन के आधार पर रखा जाता है। परंपरा में इसे नियमित रूप से, शांत मन से करने पर बल दिया जाता है। ध्यान रहे कि व्रत का उद्देश्य आत्म-संयम और स्मरण है, न कि किसी निश्चित परिणाम की गारंटी। व्यक्तिगत कुंडली से जुड़े प्रश्नों के लिए योग्य ज्योतिषी से परामर्श करना उचित माना जाता है।

व्रत विधि — चरण दर चरण

भिन्न घरों और क्षेत्रों में विधि में थोड़ा अंतर मिलता है। नीचे सामान्य रूप से अपनाई जाने वाली विधि दी गई है; अपने कुल या क्षेत्र की परंपरा का पालन करना उचित रहता है।

यह विधि सामान्य रूप से बताई जाती है। किसी विशेष संप्रदाय — जैसे स्मार्त या वैष्णव — में क्रम और सामग्री में अंतर हो सकता है। ऐसी स्थिति में अपने परिवार या गुरु की परंपरा को प्राथमिकता दें।

क्या खाएँ और क्या न खाएँ

गुरुवार व्रत में पीले रंग के भोजन का विशेष स्थान माना जाता है। सामान्यतः इस दिन पीले रंग से जुड़े सात्विक खाद्य पदार्थ ग्रहण किए जाते हैं।

ये आहार-नियम परंपरा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के अनुसार बदल सकते हैं। किसी भी स्वास्थ्य स्थिति में अपने चिकित्सक की सलाह का पालन करें; व्रत के कारण स्वास्थ्य को हानि न पहुँचे, यह ध्यान रखना आवश्यक है।

पारण के नियम

पारण अर्थात् व्रत खोलने की विधि भी परंपरा के अनुसार भिन्न होती है।

प्रश्न

अगला गुरुवार व्रत कब है?

गुरुवार व्रत: गुरुवार।

गुरुवार व्रत कैसे रखा जाता है?

पीला भोजन; केले के वृक्ष की पूजा।

व्रत और उपवास में और