व्रत और उपवास · Amavasya
अमावस्या
अगली तिथि सोमवार, 9 नवंबर 2026 · अमावस्या तक 07:02 UTC
| कब | हर महीने की अमावस्या |
|---|---|
| देवता | पितर |
| विधि | पितृ तर्पण, कोई शुभ कार्य नहीं |
अमावस्या 2026 की तिथियाँ
- माघ कृष्ण
- रविवार, 18 जनवरी 2026अमावस्या तक 19:51 UTC
- फाल्गुन कृष्ण
- मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026अमावस्या तक 12:01 UTC
- चैत्र कृष्ण
- गुरुवार, 19 मार्च 2026अमावस्या तक 01:23 UTC
- वैशाख कृष्ण
- शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026अमावस्या तक 11:51 UTC
- ज्येष्ठ कृष्ण
- शनिवार, 16 मई 2026अमावस्या तक 20:01 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- सोमवार, 15 जून 2026अमावस्या तक 02:54 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- मंगलवार, 14 जुलाई 2026अमावस्या तक 09:43 UTC
- श्रावण कृष्ण
- बुधवार, 12 अगस्त 2026अमावस्या तक 17:36 UTC
- भाद्रपद कृष्ण
- शुक्रवार, 11 सितंबर 2026अमावस्या तक 03:27 UTC
- आश्विन कृष्ण
- शनिवार, 10 अक्टूबर 2026अमावस्या तक 15:50 UTC
- कार्तिक कृष्ण
- सोमवार, 9 नवंबर 2026अमावस्या तक 07:02 UTC
- मार्गशीर्ष कृष्ण
- मंगलवार, 8 दिसंबर 2026अमावस्या तक 00:51 UTC
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
महत्व
अमावस्या हर माह के अंत में आने वाली वह तिथि है जब चंद्रमा पूर्ण रूप से लुप्त होता है। पंचांग के अनुसार यह तिथि प्रत्येक मास में एक बार आती है। सनातन परंपरा में अमावस्या का संबंध पितरों से माना गया है और इस दिन का स्वामित्व पितृ देवताओं को दिया जाता है।
इस दिन पितृ तर्पण किया जाता है और शुभ कार्यों से बचा जाता है। यह भावना केवल निषेध की नहीं, बल्कि स्मरण और कृतज्ञता की है — जो हमसे पहले चले गए, उन्हें श्रद्धा के साथ याद करना। जो लोग अमावस्या का व्रत रखते हैं, वे इसे पितरों के प्रति कर्तव्य और आत्म-संयम दोनों के रूप में देखते हैं।
यहाँ यह स्मरण रहे कि परंपराएँ भिन्न-भिन्न हैं। उत्तर और दक्षिण भारत की पद्धतियों में, तथा स्मार्त और वैष्णव संप्रदायों में अमावस्या के पालन का स्वरूप अलग-अलग मिलता है। इसी प्रकार अमांत और पूर्णिमांत मास गणना के कारण तिथि का क्रम भी अलग दिख सकता है। इसलिए अपने कुल और अपने क्षेत्र की परंपरा का पालन करना उचित माना जाता है।
व्रत विधि — चरण दर चरण
नीचे दी गई विधि सामान्य रूपरेखा है। विस्तृत और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए योग्य ज्योतिषी या अपने कुलगुरु से परामर्श करें।
- संकल्प: प्रातः स्नान के बाद शुद्ध वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। संकल्प में अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार नियम तय करें।
- पितृ तर्पण: अमावस्या का मुख्य कर्म पितृ तर्पण है। जल और तिल आदि से पितरों का स्मरण करते हुए तर्पण किया जाता है। जो लोग तर्पण की विधि नहीं जानते, वे अपने कुल की परंपरा या किसी योग्य पुरोहित से सीख सकते हैं।
- देव स्मरण: तर्पण के बाद अपने इष्ट देव का स्मरण, ध्यान या नाम जप करें।
- शुभ कार्य से विरति: इस दिन नए कार्य का आरंभ, विवाह, गृह प्रवेश जैसे मंगल कार्य नहीं किए जाते। यह नियम भय से नहीं, बल्कि दिन के स्वभाव को सम्मान देने के लिए है।
- दान: सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या आवश्यक वस्तुओं का दान किया जाता है।
- संयम: दिनभर मन और वाणी में संयम रखना व्रत का अंग माना जाता है।
क्या खाएँ और क्या न खाएँ
अमावस्या के व्रत में खान-पान की परंपराएँ क्षेत्र और कुल के अनुसार बदलती हैं। कुछ लोग पूर्ण उपवास रखते हैं, कुछ फलाहार लेते हैं, और कुछ केवल एक समय सात्विक भोजन करते हैं।
- सामान्यतः लिया जाने वाला: फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, सिंघाड़ा, राजगिरा, समकुट आदि सात्विक वस्तुएँ।
- सामान्यतः छोड़ा जाने वाला: प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा तथा तामसिक माने जाने वाले भोजन।
- नमक: अनेक परिवार व्रत में सेंधा नमक का प्रयोग करते हैं; कुछ व्रत में नमक पूर्णतः छोड़ देते हैं। यह आपकी परंपरा पर निर्भर है।
यदि आप किसी स्वास्थ्य कारण से उपवास नहीं रख सकते, तो अपने चिकित्सक की सलाह को प्राथमिकता दें। व्रत का उद्देश्य संयम है, शरीर को हानि नहीं।
पारण के नियम
पारण अर्थात व्रत खोलने का समय। अमावस्या का व्रत सामान्यतः तिथि के समाप्त होने पर खोला जाता है। चूँकि अमावस्या तिथि का आरंभ और समाप्ति हर माह बदलती है, पारण का समय पंचांग से देखा जाता है।
- पारण से पूर्व पितृ तर्पण और देव स्मरण पूर्ण करें।
- पारण
अमावस्या 2027 की तिथियाँ
- पौष कृष्ण
- गुरुवार, 7 जनवरी 2027अमावस्या तक 20:24 UTC
- माघ कृष्ण
- शनिवार, 6 फ़रवरी 2027अमावस्या तक 15:56 UTC
- फाल्गुन कृष्ण
- सोमवार, 8 मार्च 2027अमावस्या तक 09:29 UTC
- चैत्र कृष्ण
- मंगलवार, 6 अप्रैल 2027अमावस्या तक 23:51 UTC
- वैशाख कृष्ण
- गुरुवार, 6 मई 2027अमावस्या तक 10:58 UTC
- ज्येष्ठ कृष्ण
- शुक्रवार, 4 जून 2027अमावस्या तक 19:40 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- रविवार, 4 जुलाई 2027अमावस्या तक 03:02 UTC
- श्रावण कृष्ण
- सोमवार, 2 अगस्त 2027अमावस्या तक 10:05 UTC
- भाद्रपद कृष्ण
- मंगलवार, 31 अगस्त 2027अमावस्या तक 17:41 UTC
- आश्विन कृष्ण
- गुरुवार, 30 सितंबर 2027अमावस्या तक 02:36 UTC
- कार्तिक कृष्ण
- शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027अमावस्या तक 13:36 UTC
- मार्गशीर्ष कृष्ण
- रविवार, 28 नवंबर 2027अमावस्या तक 03:24 UTC
- पौष कृष्ण
- सोमवार, 27 दिसंबर 2027अमावस्या तक 20:12 UTC
अमावस्या 2028 की तिथियाँ
- माघ कृष्ण
- बुधवार, 26 जनवरी 2028अमावस्या तक 15:12 UTC
- फाल्गुन कृष्ण
- शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2028अमावस्या तक 10:37 UTC
- चैत्र कृष्ण
- रविवार, 26 मार्च 2028अमावस्या तक 04:31 UTC
- वैशाख कृष्ण
- सोमवार, 24 अप्रैल 2028अमावस्या तक 19:46 UTC
- ज्येष्ठ कृष्ण
- बुधवार, 24 मई 2028अमावस्या तक 08:16 UTC
- आषाढ़ कृष्ण
- गुरुवार, 22 जून 2028अमावस्या तक 18:27 UTC
- श्रावण कृष्ण
- शनिवार, 22 जुलाई 2028अमावस्या तक 03:01 UTC
- भाद्रपद कृष्ण
- रविवार, 20 अगस्त 2028अमावस्या तक 10:43 UTC
- आश्विन कृष्ण
- सोमवार, 18 सितंबर 2028अमावस्या तक 18:23 UTC
- कार्तिक कृष्ण
- बुधवार, 18 अक्टूबर 2028अमावस्या तक 02:56 UTC
- मार्गशीर्ष कृष्ण
- गुरुवार, 16 नवंबर 2028अमावस्या तक 13:18 UTC
- पौष कृष्ण
- शनिवार, 16 दिसंबर 2028अमावस्या तक 02:06 UTC
प्रश्न
अमावस्या 2026 में कब है?
अमावस्या अगली बार सोमवार, 9 नवंबर 2026 (अमावस्या तक 07:02 UTC) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
अगला अमावस्या कब है?
इस वर्ष और अगले दो वर्षों की तिथियाँ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी गई हैं।
अमावस्या कैसे रखा जाता है?
पितृ तर्पण, कोई शुभ कार्य नहीं।
व्रत और उपवास में और
- अजा एकादशीAja Ekadashi
- अहोई अष्टमीAhoi Ashtami
- आमलकी एकादशीAmalaki Ekadashi
- अपरा एकादशीApara Ekadashi
- देवशयनी एकादशीDevshayani Ekadashi
- मासिक दुर्गाष्टमीMasik Durgashtami
- एकादशीEkadashi
- गुरुवार व्रतGuruvar Vrat
- हल षष्ठीHal Shashti
- इंदिरा एकादशीIndira Ekadashi
- जया एकादशीJaya Ekadashi
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)Jivitputrika Vrat (Jitiya)
- कजरी तीजKajari Teej
- कामिका एकादशीKamika Ekadashi
- चंद्र ग्रहणLunar eclipse (Chandra Grahan)
- कामदा एकादशीKamada Ekadashi
- मंगलवार व्रतMangalvar Vrat
- कालाष्टमीKalashtami
- मासिक शिवरात्रिMasik Shivaratri
- मोक्षदा एकादशीMokshada Ekadashi
- निर्जला एकादशीNirjala Ekadashi
- पापांकुशा एकादशीPapankusha Ekadashi
- मोहिनी एकादशीMohini Ekadashi
- पापमोचनी एकादशीPapmochani Ekadashi
- परिवर्तिनी एकादशीParivartini Ekadashi
- प्रदोष व्रतPradosh Vrat
- पूर्णिमाPurnima
- रमा एकादशीRama Ekadashi
- पौष पुत्रदा एकादशीPausha Putrada Ekadashi
- ऋषि पंचमीRishi Panchami
- सकट चौथSakat Chauth
- संकष्टी चतुर्थीSankashti Chaturthi
- संक्रांतिSankranti
- संतोषी माता व्रतSantoshi Mata Vrat
- सफला एकादशीSaphala Ekadashi
- शनिवार व्रतShanivar Vrat
- षटतिला एकादशीShattila Ekadashi
- शीतला अष्टमीSheetala Ashtami
- श्रावण पुत्रदा एकादशीShravana Putrada Ekadashi
- स्कंद षष्ठीSkanda Shashti
- सोमवार व्रतSomvar Vrat
- सूर्य ग्रहणSolar eclipse (Surya Grahan)
- उत्पन्ना एकादशीUtpanna Ekadashi
- वरूथिनी एकादशीVaruthini Ekadashi
- वरलक्ष्मी व्रतम्Varalakshmi Vratam
- वट पूर्णिमा व्रतVat Purnima Vrat
- वट सावित्री व्रतVat Savitri Vrat
- विजया एकादशीVijaya Ekadashi
- विनायक चतुर्थीVinayaka Chaturthi
- योगिनी एकादशीYogini Ekadashi