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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
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व्रत और उपवास · Masik Durgashtami

मासिक दुर्गाष्टमी

अगली तिथि सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 · शुक्ल अष्टमी

कबहर महीने की शुक्ल अष्टमी
देवतादुर्गा
विधिदुर्गा पूजा, कन्या भोज

मासिक दुर्गाष्टमी 2026 की तिथियाँ

माघ
सोमवार, 26 जनवरी 2026शुक्ल अष्टमी
चैत्र
गुरुवार, 26 मार्च 2026शुक्ल अष्टमी
वैशाख
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026शुक्ल अष्टमी
ज्येष्ठ
शनिवार, 23 मई 2026शुक्ल अष्टमी
आषाढ़
मंगलवार, 21 जुलाई 2026शुक्ल अष्टमी
श्रावण
गुरुवार, 20 अगस्त 2026शुक्ल अष्टमी
भाद्रपद
शनिवार, 19 सितंबर 2026शुक्ल अष्टमी
आश्विन
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026शुक्ल अष्टमी
कार्तिक
मंगलवार, 17 नवंबर 2026शुक्ल अष्टमी
मार्गशीर्ष
गुरुवार, 17 दिसंबर 2026शुक्ल अष्टमी

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।

महत्व

मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह व्रत माँ दुर्गा को समर्पित है। जहाँ चैत्र और शारदीय नवरात्रि वर्ष में दो बार आते हैं, वहीं मासिक दुर्गाष्टमी हर माह लौटती है — इसी कारण इसे “मासिक” कहा जाता है।

इस दिन का स्वरूप सादा और नियमित है। बड़े उत्सव की अपेक्षा यह एक अनुशासन है — माँ दुर्गा के स्मरण, शुद्धता और संयम का। जो साधक नवरात्रि का विस्तार नहीं कर सकते, वे इस मासिक व्रत से अपनी उपासना को चलाते रहते हैं।

परंपरा में देवी दुर्गा की उपासना शक्ति, धैर्य और संतुलन से जोड़ी जाती है। यहाँ कोई फल-वचन नहीं दिया जा रहा — व्रत का अर्थ साधक की अपनी श्रद्धा और नियम-पालन में है।

व्रत विधि — चरण दर चरण

विधि में क्षेत्रीय भेद हैं। नीचे सामान्य क्रम दिया है; अपने परिवार या कुल की परंपरा को प्राथमिकता दें।

कहीं कन्या पूजन में छोटी बालिकाओं को विशेष रूप से बैठाया जाता है, कहीं केवल प्रसाद अर्पित किया जाता है। दोनों रूप प्रचलित हैं।

क्या खाएँ, क्या न खाएँ

भोजन के नियम व्रत के अनुसार कठोर या सरल हो सकते हैं। कोई केवल फल और दूध लेता है, कोई एक समय सात्विक भोजन करता है। जो नियम आप लें, उसे पूरा करना ही व्रत है।

स्वास्थ्य संबंधी कोई निर्देश यहाँ नहीं दिया जा रहा। यदि आप किसी चिकित्सकीय परामर्श पर हैं, तो व्रत के नियम अपने चिकित्सक से चर्चा करके तय करें।

पारण के नियम

पारण का अर्थ है व्रत तोड़ना। सामान्य परंपरा यह है कि अष्टमी तिथि के बीतने और नवमी तिथि के आने पर पारण किया जाता है। कुछ साधक अष्टमी के दिन ही संध्या-पूजन के बाद व्रत खोलते हैं।

मासिक दुर्गाष्टमी 2027 की तिथियाँ

पौष
शनिवार, 16 जनवरी 2027शुक्ल अष्टमी
माघ
रविवार, 14 फ़रवरी 2027शुक्ल अष्टमी
फाल्गुन
मंगलवार, 16 मार्च 2027शुक्ल अष्टमी
चैत्र
बुधवार, 14 अप्रैल 2027शुक्ल अष्टमी
वैशाख
गुरुवार, 13 मई 2027शुक्ल अष्टमी
ज्येष्ठ
शुक्रवार, 11 जून 2027शुक्ल अष्टमी
आषाढ़
रविवार, 11 जुलाई 2027शुक्ल अष्टमी
श्रावण
सोमवार, 9 अगस्त 2027शुक्ल अष्टमी
भाद्रपद
बुधवार, 8 सितंबर 2027शुक्ल अष्टमी
आश्विन
गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027शुक्ल अष्टमी
कार्तिक
शनिवार, 6 नवंबर 2027शुक्ल अष्टमी
मार्गशीर्ष
सोमवार, 6 दिसंबर 2027शुक्ल अष्टमी

मासिक दुर्गाष्टमी 2028 की तिथियाँ

पौष
बुधवार, 5 जनवरी 2028शुक्ल अष्टमी
माघ
शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2028शुक्ल अष्टमी
फाल्गुन
शनिवार, 4 मार्च 2028शुक्ल अष्टमी
चैत्र
सोमवार, 3 अप्रैल 2028शुक्ल अष्टमी
वैशाख
मंगलवार, 2 मई 2028शुक्ल अष्टमी
ज्येष्ठ
बुधवार, 31 मई 2028शुक्ल अष्टमी
श्रावण
शनिवार, 29 जुलाई 2028शुक्ल अष्टमी
भाद्रपद
रविवार, 27 अगस्त 2028शुक्ल अष्टमी
आश्विन
मंगलवार, 26 सितंबर 2028शुक्ल अष्टमी
कार्तिक
बुधवार, 25 अक्टूबर 2028शुक्ल अष्टमी
मार्गशीर्ष
शुक्रवार, 24 नवंबर 2028शुक्ल अष्टमी

प्रश्न

मासिक दुर्गाष्टमी 2026 में कब है?

मासिक दुर्गाष्टमी अगली बार सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 (शुक्ल अष्टमी) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।

अगला मासिक दुर्गाष्टमी कब है?

इस वर्ष और अगले दो वर्षों की तिथियाँ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी गई हैं।

मासिक दुर्गाष्टमी कैसे रखा जाता है?

दुर्गा पूजा, कन्या भोज।

व्रत और उपवास में और