व्रत और उपवास · Masik Durgashtami
मासिक दुर्गाष्टमी
अगली तिथि सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 · शुक्ल अष्टमी
| कब | हर महीने की शुक्ल अष्टमी |
|---|---|
| देवता | दुर्गा |
| विधि | दुर्गा पूजा, कन्या भोज |
मासिक दुर्गाष्टमी 2026 की तिथियाँ
- माघ
- सोमवार, 26 जनवरी 2026शुक्ल अष्टमी
- चैत्र
- गुरुवार, 26 मार्च 2026शुक्ल अष्टमी
- वैशाख
- शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026शुक्ल अष्टमी
- ज्येष्ठ
- शनिवार, 23 मई 2026शुक्ल अष्टमी
- आषाढ़
- मंगलवार, 21 जुलाई 2026शुक्ल अष्टमी
- श्रावण
- गुरुवार, 20 अगस्त 2026शुक्ल अष्टमी
- भाद्रपद
- शनिवार, 19 सितंबर 2026शुक्ल अष्टमी
- आश्विन
- सोमवार, 19 अक्टूबर 2026शुक्ल अष्टमी
- कार्तिक
- मंगलवार, 17 नवंबर 2026शुक्ल अष्टमी
- मार्गशीर्ष
- गुरुवार, 17 दिसंबर 2026शुक्ल अष्टमी
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
महत्व
मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह व्रत माँ दुर्गा को समर्पित है। जहाँ चैत्र और शारदीय नवरात्रि वर्ष में दो बार आते हैं, वहीं मासिक दुर्गाष्टमी हर माह लौटती है — इसी कारण इसे “मासिक” कहा जाता है।
इस दिन का स्वरूप सादा और नियमित है। बड़े उत्सव की अपेक्षा यह एक अनुशासन है — माँ दुर्गा के स्मरण, शुद्धता और संयम का। जो साधक नवरात्रि का विस्तार नहीं कर सकते, वे इस मासिक व्रत से अपनी उपासना को चलाते रहते हैं।
परंपरा में देवी दुर्गा की उपासना शक्ति, धैर्य और संतुलन से जोड़ी जाती है। यहाँ कोई फल-वचन नहीं दिया जा रहा — व्रत का अर्थ साधक की अपनी श्रद्धा और नियम-पालन में है।
व्रत विधि — चरण दर चरण
विधि में क्षेत्रीय भेद हैं। नीचे सामान्य क्रम दिया है; अपने परिवार या कुल की परंपरा को प्राथमिकता दें।
- प्रातः स्नान: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ करें।
- संकल्प: मन में या मौन रूप से व्रत का संकल्प लें — किस दिन, किस नियम से, और कब तक।
- दुर्गा पूजा: माँ दुर्गा का पूजन करें — दीप, धूप, पुष्प और जो सामग्री आपकी परंपरा में प्रचलित हो।
- पाठ: दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या सरल मंत्र जाप — जो आपकी परंपरा में हो।
- कन्या भोज: कन्याओं को भोजन कराना इस व्रत का प्रमुख अंग माना जाता है। उन्हें श्रद्धा से भोजन, फल या मिष्ठान्न अर्पित करें, और आशीर्वाद लें।
- आरती और प्रसाद: संध्या या अपनी सुविधा के समय आरती करें, प्रसाद वितरित करें।
कहीं कन्या पूजन में छोटी बालिकाओं को विशेष रूप से बैठाया जाता है, कहीं केवल प्रसाद अर्पित किया जाता है। दोनों रूप प्रचलित हैं।
क्या खाएँ, क्या न खाएँ
भोजन के नियम व्रत के अनुसार कठोर या सरल हो सकते हैं। कोई केवल फल और दूध लेता है, कोई एक समय सात्विक भोजन करता है। जो नियम आप लें, उसे पूरा करना ही व्रत है।
- सामान्यतः लिए जाने वाले: फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, राजगिरा, मूँगफली, समकुट, सेंधा नमक।
- सामान्यतः छोड़े जाने वाले: अनाज, दाल, प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा, और वह भोजन जो आपकी परंपरा में वर्जित हो।
- सात्विकता: भोजन शुद्ध, सरल और संयमित रखें। अधिक तला या भारी भोजन व्रत के भाव से मेल नहीं खाता।
स्वास्थ्य संबंधी कोई निर्देश यहाँ नहीं दिया जा रहा। यदि आप किसी चिकित्सकीय परामर्श पर हैं, तो व्रत के नियम अपने चिकित्सक से चर्चा करके तय करें।
पारण के नियम
पारण का अर्थ है व्रत तोड़ना। सामान्य परंपरा यह है कि अष्टमी तिथि के बीतने और नवमी तिथि के आने पर पारण किया जाता है। कुछ साधक अष्टमी के दिन ही संध्या-पूजन के बाद व्रत खोलते हैं।
- पारण से पहले देवी पूजन और कन्या भोज पूर्ण कर लें।
- पारण सात्विक भोजन से करें, उपवास तोड़ने के लिए भारी भोजन न लें।
- जहाँ अमांत और पूर्णिमांत पंचांग का भेद है, वहाँ तिथि की गणना भिन्न हो सकती है — अपने क्षेत्र के पंचांग को देखें।
- उत्तर और दक्षिण भारत में, त
मासिक दुर्गाष्टमी 2027 की तिथियाँ
- पौष
- शनिवार, 16 जनवरी 2027शुक्ल अष्टमी
- माघ
- रविवार, 14 फ़रवरी 2027शुक्ल अष्टमी
- फाल्गुन
- मंगलवार, 16 मार्च 2027शुक्ल अष्टमी
- चैत्र
- बुधवार, 14 अप्रैल 2027शुक्ल अष्टमी
- वैशाख
- गुरुवार, 13 मई 2027शुक्ल अष्टमी
- ज्येष्ठ
- शुक्रवार, 11 जून 2027शुक्ल अष्टमी
- आषाढ़
- रविवार, 11 जुलाई 2027शुक्ल अष्टमी
- श्रावण
- सोमवार, 9 अगस्त 2027शुक्ल अष्टमी
- भाद्रपद
- बुधवार, 8 सितंबर 2027शुक्ल अष्टमी
- आश्विन
- गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027शुक्ल अष्टमी
- कार्तिक
- शनिवार, 6 नवंबर 2027शुक्ल अष्टमी
- मार्गशीर्ष
- सोमवार, 6 दिसंबर 2027शुक्ल अष्टमी
मासिक दुर्गाष्टमी 2028 की तिथियाँ
- पौष
- बुधवार, 5 जनवरी 2028शुक्ल अष्टमी
- माघ
- शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2028शुक्ल अष्टमी
- फाल्गुन
- शनिवार, 4 मार्च 2028शुक्ल अष्टमी
- चैत्र
- सोमवार, 3 अप्रैल 2028शुक्ल अष्टमी
- वैशाख
- मंगलवार, 2 मई 2028शुक्ल अष्टमी
- ज्येष्ठ
- बुधवार, 31 मई 2028शुक्ल अष्टमी
- श्रावण
- शनिवार, 29 जुलाई 2028शुक्ल अष्टमी
- भाद्रपद
- रविवार, 27 अगस्त 2028शुक्ल अष्टमी
- आश्विन
- मंगलवार, 26 सितंबर 2028शुक्ल अष्टमी
- कार्तिक
- बुधवार, 25 अक्टूबर 2028शुक्ल अष्टमी
- मार्गशीर्ष
- शुक्रवार, 24 नवंबर 2028शुक्ल अष्टमी
प्रश्न
मासिक दुर्गाष्टमी 2026 में कब है?
मासिक दुर्गाष्टमी अगली बार सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 (शुक्ल अष्टमी) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
अगला मासिक दुर्गाष्टमी कब है?
इस वर्ष और अगले दो वर्षों की तिथियाँ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी गई हैं।
मासिक दुर्गाष्टमी कैसे रखा जाता है?
दुर्गा पूजा, कन्या भोज।
व्रत और उपवास में और
- अजा एकादशीAja Ekadashi
- अहोई अष्टमीAhoi Ashtami
- अमावस्याAmavasya
- आमलकी एकादशीAmalaki Ekadashi
- अपरा एकादशीApara Ekadashi
- देवशयनी एकादशीDevshayani Ekadashi
- एकादशीEkadashi
- गुरुवार व्रतGuruvar Vrat
- हल षष्ठीHal Shashti
- इंदिरा एकादशीIndira Ekadashi
- जया एकादशीJaya Ekadashi
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)Jivitputrika Vrat (Jitiya)
- कजरी तीजKajari Teej
- कामिका एकादशीKamika Ekadashi
- चंद्र ग्रहणLunar eclipse (Chandra Grahan)
- कामदा एकादशीKamada Ekadashi
- मंगलवार व्रतMangalvar Vrat
- कालाष्टमीKalashtami
- मासिक शिवरात्रिMasik Shivaratri
- मोक्षदा एकादशीMokshada Ekadashi
- निर्जला एकादशीNirjala Ekadashi
- पापांकुशा एकादशीPapankusha Ekadashi
- मोहिनी एकादशीMohini Ekadashi
- पापमोचनी एकादशीPapmochani Ekadashi
- परिवर्तिनी एकादशीParivartini Ekadashi
- प्रदोष व्रतPradosh Vrat
- पूर्णिमाPurnima
- रमा एकादशीRama Ekadashi
- पौष पुत्रदा एकादशीPausha Putrada Ekadashi
- ऋषि पंचमीRishi Panchami
- सकट चौथSakat Chauth
- संकष्टी चतुर्थीSankashti Chaturthi
- संक्रांतिSankranti
- संतोषी माता व्रतSantoshi Mata Vrat
- सफला एकादशीSaphala Ekadashi
- शनिवार व्रतShanivar Vrat
- षटतिला एकादशीShattila Ekadashi
- शीतला अष्टमीSheetala Ashtami
- श्रावण पुत्रदा एकादशीShravana Putrada Ekadashi
- स्कंद षष्ठीSkanda Shashti
- सोमवार व्रतSomvar Vrat
- सूर्य ग्रहणSolar eclipse (Surya Grahan)
- उत्पन्ना एकादशीUtpanna Ekadashi
- वरूथिनी एकादशीVaruthini Ekadashi
- वरलक्ष्मी व्रतम्Varalakshmi Vratam
- वट पूर्णिमा व्रतVat Purnima Vrat
- वट सावित्री व्रतVat Savitri Vrat
- विजया एकादशीVijaya Ekadashi
- विनायक चतुर्थीVinayaka Chaturthi
- योगिनी एकादशीYogini Ekadashi