व्रत और उपवास · Purnima
पूर्णिमा
अगली तिथि सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 · पूर्णिमा तक 04:11 UTC
| कब | हर महीने की पूर्णिमा |
|---|---|
| देवता | विष्णु / सत्यनारायण |
| विधि | सत्यनारायण कथा, दान |
पूर्णिमा 2026 की तिथियाँ
- पौष शुक्ल
- शनिवार, 3 जनवरी 2026पूर्णिमा तक 10:02 UTC
- माघ शुक्ल
- रविवार, 1 फ़रवरी 2026पूर्णिमा तक 22:09 UTC
- फाल्गुन शुक्ल
- मंगलवार, 3 मार्च 2026पूर्णिमा तक 11:37 UTC
- चैत्र शुक्ल
- गुरुवार, 2 अप्रैल 2026पूर्णिमा तक 02:11 UTC
- वैशाख शुक्ल
- शुक्रवार, 1 मई 2026पूर्णिमा तक 17:23 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- रविवार, 31 मई 2026पूर्णिमा तक 08:45 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- सोमवार, 29 जून 2026पूर्णिमा तक 23:56 UTC
- आषाढ़ शुक्ल
- बुधवार, 29 जुलाई 2026पूर्णिमा तक 14:35 UTC
- श्रावण शुक्ल
- शुक्रवार, 28 अगस्त 2026पूर्णिमा तक 04:18 UTC
- भाद्रपद शुक्ल
- शनिवार, 26 सितंबर 2026पूर्णिमा तक 16:49 UTC
- आश्विन शुक्ल
- सोमवार, 26 अक्टूबर 2026पूर्णिमा तक 04:11 UTC
- कार्तिक शुक्ल
- मंगलवार, 24 नवंबर 2026पूर्णिमा तक 14:53 UTC
- पौष कृष्ण
- गुरुवार, 24 दिसंबर 2026प्रतिपदा तक 21:37 UTC
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
पूर्णिमा व्रत — महत्व, विधि और पारण
महत्व
पूर्णिमा प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि होती है, जब चंद्रमा अपने पूर्ण स्वरूप में दिखाई देता है। पंचांग के अनुसार यह तिथि हर माह आती है, और इसका धार्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है। पूर्णिमा से जुड़े व्रत का संबंध भगवान विष्णु तथा सत्यनारायण भगवान से माना जाता है।
परंपरा में पूर्णिमा को सत्यनारायण व्रत के लिए उपयुक्त तिथि बताया गया है। भक्त सत्यनारायण कथा का श्रवण और दान-पुण्य करते हैं। यह व्रत मुख्यतः श्रद्धा, संकल्प और कृतज्ञता के भाव से जुड़ा है, न कि किसी विशेष फल की मांग से।
यह ध्यान रखना उपयुक्त है कि परंपराएँ क्षेत्र और संप्रदाय के अनुसार भिन्न हो सकती हैं — उत्तर और दक्षिण भारत, तथा स्मार्त और वैष्णव परंपराओं में विधि और नियमों में अंतर देखने को मिलता है। साथ ही अमांत और पूर्णिमांत मास गणना के कारण तिथि की गणना में भी मतभेद हो सकता है। इसलिए अपने स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा का पालन करना उचित माना जाता है।
व्रत विधि — चरणबद्ध
पूर्णिमा व्रत की विधि सामान्यतः इस प्रकार बताई जाती है:
- संकल्प: प्रातः स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें और भगवान विष्णु तथा सत्यनारायण का स्मरण करें।
- पूजा की तैयारी: पूजा स्थल को स्वच्छ करें, दीपक, फल, फूल और प्रसाद आदि की व्यवस्था करें।
- सत्यनारायण कथा: विधिपूर्वक सत्यनारायण कथा का श्रवण या पाठ करें। कथा का श्रवण व्रत का प्रमुख अंग माना जाता है।
- दान: अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दान करें। दान को व्रत का महत्वपूर्ण भाग बताया गया है।
- आरती और प्रसाद: पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
व्रत रखने वाले भक्त प्रायः पूरे दिन उपवास रखते हैं और पूजा-पाठ में समय व्यतीत करते हैं। विधि के विवरण स्थानीय परंपरा के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं।
क्या खाएँ और क्या टालें
पूर्णिमा व्रत में आहार संबंधी नियम परंपरा के अनुसार भिन्न होते हैं। सामान्य रूप से निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है:
- उपवास: कई भक्त पूर्ण उपवास रखते हैं, तो कई फलाहार या एक समय का सात्विक भोजन लेते हैं।
- सात्विक आहार: अनाज, दाल, फल और दूध आदि सात्विक वस्तुओं का सेवन किया जाता है।
- क्या टालें: प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा तथा तामसिक माने जाने वाले भोजन से बचने की परंपरा है।
- अन्न का त्याग: कुछ परंपराओं में व्रत के दिन अन्न ग्रहण नहीं किया जाता; यह नियम क्षेत्र के अनुसार बदलता है।
स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें। व्रत की अवधि और आहार नियम अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार चुनें।
पारण के नियम
पारण अर्थात व्रत का समापन। पूर्णिमा व्रत का पारण सामान्यतः पूजा और कथा के समापन के बाद किया जाता है।
- पारण से पूर्व पूजा, कथा श्रवण और आरती पूर्ण करना उचित माना जाता है।
- प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही भोजन करने की परंपरा है।
- पारण का समय स्थानीय पंचांग तथा परिवार की परंपरा के अनुसार तय किया जाता है।
- कुछ परंपराओं में अगले दिन प्रातः पारण किया जाता है; यह नियम भी क्षेत्र के अनुसार भिन्न हो स
पूर्णिमा 2027 की तिथियाँ
- पौष शुक्ल
- शुक्रवार, 22 जनवरी 2027पूर्णिमा तक 12:17 UTC
- फाल्गुन कृष्ण
- रविवार, 21 फ़रवरी 2027प्रतिपदा तक 20:33 UTC
- फाल्गुन शुक्ल
- सोमवार, 22 मार्च 2027पूर्णिमा तक 10:43 UTC
- चैत्र शुक्ल
- मंगलवार, 20 अप्रैल 2027पूर्णिमा तक 22:27 UTC
- वैशाख शुक्ल
- गुरुवार, 20 मई 2027पूर्णिमा तक 10:59 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- शुक्रवार, 18 जून 2027पूर्णिमा तक 00:44 UTC
- आषाढ़ शुक्ल
- रविवार, 18 जुलाई 2027पूर्णिमा तक 15:44 UTC
- श्रावण शुक्ल
- मंगलवार, 17 अगस्त 2027पूर्णिमा तक 07:28 UTC
- भाद्रपद शुक्ल
- बुधवार, 15 सितंबर 2027पूर्णिमा तक 23:03 UTC
- आश्विन शुक्ल
- शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027पूर्णिमा तक 13:47 UTC
- कार्तिक शुक्ल
- रविवार, 14 नवंबर 2027पूर्णिमा तक 03:25 UTC
- मार्गशीर्ष शुक्ल
- सोमवार, 13 दिसंबर 2027पूर्णिमा तक 16:08 UTC
पूर्णिमा 2028 की तिथियाँ
- पौष शुक्ल
- बुधवार, 12 जनवरी 2028पूर्णिमा तक 04:03 UTC
- माघ शुक्ल
- गुरुवार, 10 फ़रवरी 2028पूर्णिमा तक 15:03 UTC
- फाल्गुन शुक्ल
- शनिवार, 11 मार्च 2028पूर्णिमा तक 01:06 UTC
- चैत्र शुक्ल
- रविवार, 9 अप्रैल 2028पूर्णिमा तक 10:26 UTC
- वैशाख शुक्ल
- सोमवार, 8 मई 2028पूर्णिमा तक 19:48 UTC
- ज्येष्ठ शुक्ल
- बुधवार, 7 जून 2028पूर्णिमा तक 06:08 UTC
- आषाढ़ शुक्ल
- गुरुवार, 6 जुलाई 2028पूर्णिमा तक 18:10 UTC
- श्रावण शुक्ल
- शनिवार, 5 अगस्त 2028पूर्णिमा तक 08:09 UTC
- भाद्रपद शुक्ल
- रविवार, 3 सितंबर 2028पूर्णिमा तक 23:47 UTC
- आश्विन शुक्ल
- मंगलवार, 3 अक्टूबर 2028पूर्णिमा तक 16:24 UTC
- कार्तिक शुक्ल
- गुरुवार, 2 नवंबर 2028पूर्णिमा तक 09:17 UTC
- मार्गशीर्ष शुक्ल
- शुक्रवार, 1 दिसंबर 2028पूर्णिमा तक 01:40 UTC
- पौष शुक्ल
- रविवार, 31 दिसंबर 2028पूर्णिमा तक 16:48 UTC
प्रश्न
पूर्णिमा 2026 में कब है?
पूर्णिमा अगली बार सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 (पूर्णिमा तक 04:11 UTC) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
अगला पूर्णिमा कब है?
इस वर्ष और अगले दो वर्षों की तिथियाँ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी गई हैं।
पूर्णिमा कैसे रखा जाता है?
सत्यनारायण कथा, दान।
व्रत और उपवास में और
- अजा एकादशीAja Ekadashi
- अहोई अष्टमीAhoi Ashtami
- अमावस्याAmavasya
- आमलकी एकादशीAmalaki Ekadashi
- अपरा एकादशीApara Ekadashi
- देवशयनी एकादशीDevshayani Ekadashi
- मासिक दुर्गाष्टमीMasik Durgashtami
- एकादशीEkadashi
- गुरुवार व्रतGuruvar Vrat
- हल षष्ठीHal Shashti
- इंदिरा एकादशीIndira Ekadashi
- जया एकादशीJaya Ekadashi
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)Jivitputrika Vrat (Jitiya)
- कजरी तीजKajari Teej
- कामिका एकादशीKamika Ekadashi
- चंद्र ग्रहणLunar eclipse (Chandra Grahan)
- कामदा एकादशीKamada Ekadashi
- मंगलवार व्रतMangalvar Vrat
- कालाष्टमीKalashtami
- मासिक शिवरात्रिMasik Shivaratri
- मोक्षदा एकादशीMokshada Ekadashi
- निर्जला एकादशीNirjala Ekadashi
- पापांकुशा एकादशीPapankusha Ekadashi
- मोहिनी एकादशीMohini Ekadashi
- पापमोचनी एकादशीPapmochani Ekadashi
- परिवर्तिनी एकादशीParivartini Ekadashi
- प्रदोष व्रतPradosh Vrat
- रमा एकादशीRama Ekadashi
- पौष पुत्रदा एकादशीPausha Putrada Ekadashi
- ऋषि पंचमीRishi Panchami
- सकट चौथSakat Chauth
- संकष्टी चतुर्थीSankashti Chaturthi
- संक्रांतिSankranti
- संतोषी माता व्रतSantoshi Mata Vrat
- सफला एकादशीSaphala Ekadashi
- शनिवार व्रतShanivar Vrat
- षटतिला एकादशीShattila Ekadashi
- शीतला अष्टमीSheetala Ashtami
- श्रावण पुत्रदा एकादशीShravana Putrada Ekadashi
- स्कंद षष्ठीSkanda Shashti
- सोमवार व्रतSomvar Vrat
- सूर्य ग्रहणSolar eclipse (Surya Grahan)
- उत्पन्ना एकादशीUtpanna Ekadashi
- वरूथिनी एकादशीVaruthini Ekadashi
- वरलक्ष्मी व्रतम्Varalakshmi Vratam
- वट पूर्णिमा व्रतVat Purnima Vrat
- वट सावित्री व्रतVat Savitri Vrat
- विजया एकादशीVijaya Ekadashi
- विनायक चतुर्थीVinayaka Chaturthi
- योगिनी एकादशीYogini Ekadashi