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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
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27 नक्षत्र

नक्षत्र क्या है

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा के मार्ग को सत्ताईस भागों में बाँटा गया है। इनमें से प्रत्येक भाग एक नक्षत्र कहलाता है — अर्थात् चंद्र का एक विशिष्ट स्थान। जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, उसे जातक का जन्म नक्षत्र कहा जाता है। यह गणना का एक आधार-बिंदु माना जाता है, जिससे आगे की अनेक परंपरागत बातें जुड़ती हैं।

इस पृष्ठ पर सत्ताईस नक्षत्रों की सूची दी गई है:

ये नाम परंपरा में क्रम से पढ़े जाते हैं। प्रत्येक नक्षत्र का अपना स्वरूप, देवता और स्वभाव बताया गया है, परंतु यहाँ उनका वर्णन सूचना के रूप में ही है।

आपका जन्म नक्षत्र कैसे निकाला जाता है

जन्म नक्षत्र जानने के लिए जन्म की तिथि, समय और स्थान की आवश्यकता होती है। इनके आधार पर पंचांग और गणना की परंपरागत विधियों से यह निर्धारित किया जाता है कि उस क्षण चंद्रमा किस नक्षत्र में था। चूँकि चंद्रमा का मार्ग सत्ताईस भागों में विभाजित है, यह निर्धारण उसी क्रम के अनुसार होता है।

जन्म समय में थोड़ा अंतर होने पर भी नक्षत्र बदल सकता है, इसलिए शुद्ध समय और स्थान का होना उपयोगी माना जाता है। अपने व्यक्तिगत चार्ट के लिए किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श करना उचित रहता है।

नामकरण और मिलान में नक्षत्रों का उपयोग

परंपरा में जन्म नक्षत्र का उपयोग अनेक प्रकार से होता है। नामकरण के समय अनेक परिवार जन्म नक्षत्र से जुड़े अक्षरों में से नाम चुनते हैं। विवाह आदि के मिलान में भी नक्षत्रों की तुलना की परंपरा है।

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