जल्द शुरू हो रहा है। अभी हम ऑर्डर नहीं ले रहे हैं। आप साइट देख सकते हैं; शुरुआत के लिए निःशुल्क दैनिक पंचांग देखें. Kael Tripton Ltd, Anthropic के Claude Startups प्रोग्राम का सदस्य है।

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
English·न्यूज़लेटर·खाता
दिव्य पंचांगम्DivyaPanchangamपंचांग, मुहूर्त, मंदिर और हिंदू जगत — हर सुबह, हर शहर

27 नक्षत्र · Krittika

कृत्तिका

क्रम27 में से 3
स्वामी ग्रहसूर्य
देवताअग्नि
प्रतीकउस्तरा / ज्वाला
गणराक्षस
योनिमेष (मादा)
नाड़ीअंत्य
राशि-चक्र में विस्तारमेष 26°40′–वृषभ 10°
राशिमेष / वृषभ
पद नवांश1: धनु, 2: मकर, 3: कुंभ, 4: मीन
नामाक्षरअ, ई, उ, ए
विंशोत्तरी दशासूर्य महादशा, 6 वर्ष

कृत्तिका नक्षत्र — परिचय

कृत्तिका 27 नक्षत्रों में तीसरा नक्षत्र है। इसके स्वामी ग्रह सूर्य हैं और अधिष्ठाता देवता अग्नि हैं। इसका प्रतीक उस्तरा अथवा ज्वाला माना गया है। यदि आपने अभी-अभी अपना जन्म नक्षत्र जाना है और वह कृत्तिका निकला है, तो यह संक्षिप्त संदर्भ-पृष्ठ आपके लिए है।

ज्योतिष में नक्षत्र को जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है। यहाँ दी गई जानकारी परंपरागत ग्रंथों पर आधारित सामान्य वर्णन है, किसी व्यक्ति के जीवन का निश्चित फल नहीं। व्यक्तिगत कुंडली के लिए योग्य ज्योतिषी से परामर्श करना उचित रहता है।

अर्थ और प्रतीकवाद

कृत्तिका का प्रतीक उस्तरा और ज्वाला दोनों है — एक ओर तीक्ष्णता और काटने का भाव, दूसरी ओर अग्नि का ताप और शुद्धि। अग्नि देवता होने के कारण इस नक्षत्र का संबंध पवित्रता, तेज और रूपांतरण से जोड़ा जाता है।

कृत्तिका में जन्मे व्यक्तियों का स्वभाव

परंपरागत वर्णन में कृत्तिका को तेज, स्पष्टता और धैर्य से जोड़ा जाता है। अग्नि के प्रतीक के अनुरूप इनमें उत्साह और लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रवृत्ति देखी जाती है। सूर्य की स्वामित्व-शक्ति आत्मसम्मान और नेतृत्व की भावना देती है।

यह वर्णन सामान्य प्रवृत्तियों का है, किसी व्यक्ति का निश्चित स्वभाव नहीं। गण राक्षस होने का अर्थ केवल अष्टकूट मिलान में इसका उपयोग है — इसे किसी नकारात्मक अर्थ में न लें।

चार पाद

कृत्तिका के चारों पादों का नवांश इस प्रकार बताया गया है:

नामकरण की परंपरा में इन्हीं अक्षरों का प्रयोग क्षेत्रीय रीति के अनुसार होता है।

करियर और धन

शास्त्रीय वर्णन में कृत्तिका को परिश्रम, नेतृत्व और स्पष्ट निर्णय से जोड़ा जाता है। सूर्य की स्वामित्व-भावना ऐसे कार्यक्षेत्रों की ओर संकेत करती है जहाँ जिम्मेदारी और दिशा देना आवश्यक हो। यह केवल प्रवृत्ति का संकेत है; आर्थिक परिणाम की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। धन संबंधी निर्णय अपनी पूरी कुंडली और परिस्थिति के अनुसार लें।

प्रेम, विवाह और अनुकूलता

विवाह मिलान में कृत्तिका के लिए तीन बातें विशेष रूप से देखी जाती हैं — गण राक्षस, योनि मेष (स्त्री) और नाड़ी अंत्य। अष्टकूट पद्धति में इनका मिलान किया जाता है।

यह ध्यान रखें कि उत्तर और दक्षिण भारत की परंपराओं, तथा स्मार्त और वैष्णव रीतियों में कुछ बिंदुओं पर मतभेद मिलता है। इसलिए किसी एक को अंतिम न मानकर अपनी परंपरा के अनुसार

प्रश्न

कृत्तिका नक्षत्र का स्वामी कौन है?

कृत्तिका का स्वामी ग्रह सूर्य है; इसके अधिष्ठाता देवता अग्नि हैं।

कृत्तिका नक्षत्र किस राशि में आता है?

कृत्तिका निरयण राशि-चक्र (लाहिरी अयनांश) में मेष 26°40′–वृषभ 10° तक फैला है।

कृत्तिका नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?

चारों पदों के पारंपरिक नामाक्षर अ, ई, उ, ए हैं।

कृत्तिका में जन्म लेने वाले की दशा किससे शुरू होती है?

विंशोत्तरी दशा सूर्य महादशा (6 वर्ष पूर्ण) से शुरू होती है; जन्म के समय शेष अवधि इस पर निर्भर है कि चंद्रमा कृत्तिका में कितना आगे बढ़ चुका है।

कृत्तिका का गण, योनि और नाड़ी क्या है?

गण राक्षस, योनि मेष (मादा), नाड़ी अंत्य। ये तीनों अष्टकूट कुंडली मिलान में काम आते हैं।

संबंधित

यह भी देखें

27 नक्षत्र में और