व्रत और उपवास · Somvar Vrat
सोमवार व्रत
अगली तिथि सोमवार, 19 जुलाई 2027 · श्रावण कृष्ण प्रतिपदा
| कब | हर सोमवार; सूची में श्रावण (सावन) के सोमवार दिए गए हैं |
|---|---|
| देवता | शिव |
| विधि | एक समय भोजन; शिव अभिषेक |
सोमवार व्रत 2026 की तिथियाँ
- सावन सोमवार
- सोमवार, 3 अगस्त 2026श्रावण कृष्ण पंचमी
- सावन सोमवार
- सोमवार, 10 अगस्त 2026श्रावण कृष्ण द्वादशी
- सावन सोमवार
- सोमवार, 17 अगस्त 2026श्रावण शुक्ल पंचमी
- सावन सोमवार
- सोमवार, 24 अगस्त 2026श्रावण शुक्ल द्वादशी
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
महत्व
सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित है। सोम का अर्थ चंद्रमा है, और शिव के साथ चंद्रमा का गहरा संबंध माना जाता है — इसी कारण सोमवार का दिन शिव-उपासना के लिए चुना गया है। यह व्रत हर सोमवार को रखा जा सकता है, और विशेष रूप से श्रावण (सावन) के सोमवार अधिक प्रचलित हैं। इस पृष्ठ पर दिए गए दिनांक पंचांग से गणना करके दिखाए जाते हैं; इसलिए तिथि, सूर्योदय और क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार अंतर संभव है।
यह व्रत स्त्री-पुरुष, विवाहित और अविवाहित — सभी के लिए खुला माना जाता है। परंपरागत रूप से इसे शिव की कृपा, मन की स्थिरता और संकल्प की दृढ़ता के भाव से जोड़ा जाता है। यहाँ यह स्पष्ट कर देना उचित है कि व्रत का फल व्यक्ति-विशेष के लिए कोई निश्चित परिणाम नहीं देता; यह आस्था, अनुशासन और साधना का विषय है। अपनी कुंडली या व्यक्तिगत स्थिति के लिए किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें।
व्रत विधि — चरण दर चरण
स्थानीय परंपराएँ भिन्न हो सकती हैं, पर सामान्य क्रम इस प्रकार है:
- संकल्प: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लें। किसी एक सोमवार से आरंभ करके नियमित रूप से निभाना सरल माना जाता है।
- पूजा की तैयारी: शिवलिंग या शिव-प्रतिमा के समक्ष जल, दूध, बेलपत्र, पुष्प और धूप रखें। जो सामग्री सुलभ हो, वही पर्याप्त है।
- शिव अभिषेक: जल या दूध से अभिषेक करें। अभिषेक के समय शिव का ध्यान और नाम-स्मरण करें।
- पूजा और पाठ: शिव की पूजा करें, और परंपरा के अनुसार सोमवार व्रत की कथा या शिव-संबंधी स्तोत्र सुनें या पढ़ें।
- एक भोजन: व्रत में एक बार भोजन करने का नियम पाला जाता है। कई लोग इसे सायंकाल या पूजा के बाद करते हैं; समय की स्थानीय प्रथा का पालन करें।
- संयम: दिनभर सात्त्विक भाव, सत्य और मृदु वाणी रखने पर बल दिया जाता है।
यदि स्वास्थ्य या अन्य कारणों से उपवास संभव न हो, तो अनेक परिवार फलाहार या सात्त्विक भोजन की सरल विधि अपनाते हैं। धार्मिक अनुशासन के साथ-साथ शारीरिक स्थिति का ध्यान रखना भी आवश्यक माना जाता है।
क्या खाएँ और क्या टालें
व्रत के भोजन-नियम क्षेत्र और कुल-परंपरा के अनुसार बदलते हैं। सामान्य रूप से निम्न बातें ध्यान में रखी जाती हैं:
- स्वीकार्य: फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, सिंघाड़ा, राजगिरा, कुट्टू और समा जैसे व्रत-अनाज, तथा सेंधा नमक।
- टालें: प्याज, लहसुन, मांस, अंडा और मदिरा — इन्हें सात्त्विक व्रत में वर्जित माना जाता है।
- अनाज: कई परंपराओं में सामान्य अनाज और दाल व्रत-दिन छोड़े जाते हैं; कुछ लोग केवल एक बार सात्त्विक भोजन लेते हैं।
जहाँ प्रथाएँ भिन्न हैं — उत्तर और दक्षिण भारत, अथवा स्मार्त और वैष्णव परंपराएँ — वहाँ अपने कुल या स्थानीय आचार का पालन करना उचित माना जाता है।
पारण के नियम
पारण अर्थात व्रत खोलने का समय। सामान्य सिद्धांत यह है कि पारण उसी दिन, पूजा और कथा के पश्चात किया जाता है। तिथि और सूर्योदय के आधार पर पारण का समय पंचांग से देखा जाता है; किसी एक सार्वभौमिक समय का दावा नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह स्थान और पंचांग-पद्ध
सोमवार व्रत 2027 की तिथियाँ
- सावन सोमवार
- सोमवार, 19 जुलाई 2027श्रावण कृष्ण प्रतिपदा
- सावन सोमवार
- सोमवार, 26 जुलाई 2027श्रावण कृष्ण सप्तमी
- सावन सोमवार
- सोमवार, 2 अगस्त 2027श्रावण कृष्ण अमावस्या
- सावन सोमवार
- सोमवार, 9 अगस्त 2027श्रावण शुक्ल अष्टमी
- सावन सोमवार
- सोमवार, 16 अगस्त 2027श्रावण शुक्ल चतुर्दशी
सोमवार व्रत 2028 की तिथियाँ
- सावन सोमवार
- सोमवार, 10 जुलाई 2028श्रावण कृष्ण चतुर्थी
- सावन सोमवार
- सोमवार, 17 जुलाई 2028श्रावण कृष्ण दशमी
- सावन सोमवार
- सोमवार, 24 जुलाई 2028श्रावण शुक्ल तृतीया
- सावन सोमवार
- सोमवार, 31 जुलाई 2028श्रावण शुक्ल दशमी
प्रश्न
सोमवार व्रत 2027 में कब है?
सोमवार व्रत सोमवार, 19 जुलाई 2027 (श्रावण कृष्ण प्रतिपदा) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
अगला सोमवार व्रत कब है?
इस वर्ष और अगले दो वर्षों की तिथियाँ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी गई हैं।
सोमवार व्रत कैसे रखा जाता है?
एक समय भोजन; शिव अभिषेक।
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