हिंदू त्योहार · Hariyali Teej
हरियाली तीज
अगली तिथि बुधवार, 4 अगस्त 2027 · श्रावण शुक्ल तृतीया (kshaya tithi)
| तिथि / समय | श्रावण शुक्ल तृतीया |
|---|---|
| देवता | पार्वती |
| पालन | झूले, हरियाली |
| कहाँ | राजस्थान, उत्तर भारत |
हरियाली तीज 2026 की तिथियाँ
- हरियाली तीज
- शनिवार, 15 अगस्त 2026श्रावण शुक्ल तृतीया (sunrise)
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
हरियाली तीज: अर्थ और कथा
हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से माता पार्वती को समर्पित है। श्रावण का महीना वर्षा और हरियाली का समय होता है, और इसी कारण इस तीज के नाम में "हरियाली" शब्द जुड़ा है। इस दिन का स्वरूप उत्सव, हरियाली और माता पार्वती की उपासना से जुड़ा हुआ है।
परंपरा में यह माना जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। हरियाली तीज उसी भावना का स्मरण है — धैर्य, श्रद्धा और समर्पण का। इसलिए यह दिन विशेष रूप से सुहागिन स्त्रियों और विवाह की इच्छा रखने वालों के लिए श्रद्धा का अवसर माना जाता है। यहाँ यह ध्यान रखना उपयुक्त है कि यह एक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व है; इसका संबंध किसी व्यक्तिगत फलादेश या गारंटी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
तिथि कैसे निर्धारित होती है
हरियाली तीज की तिथि पंचांग के अनुसार तय होती है। यह श्रावण शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है। चूँकि हिंदू पर्व तिथि, नक्षत्र या सूर्य के राशि प्रवेश पर आधारित होते हैं, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर वर्ष बदलती रहती है। इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ पंचांग की गणना से ली जाती हैं और प्रत्येक वर्ष अलग हो सकती हैं।
एक ही पर्व अलग-अलग शहरों में एक दिन आगे-पीछे हो सकता है, क्योंकि तिथि का आरंभ और अंत स्थानीय सूर्योदय के समय पर निर्भर करता है। साथ ही, अमांत और पूर्णिमांत कैलेंडर पद्धतियों में भी अंतर दिखाई दे सकता है। इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश के आधार पर हैं। यदि आप किसी अन्य स्थान पर हैं, तो अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि कर लेना उचित रहता है।
पूजा विधि
हरियाली तीज की पूजा का स्वरूप सरल और श्रद्धा-केंद्रित है। परंपरा में माता पार्वती की उपासना की जाती है। घरों में व्रत रखा जाता है और पूजा का संकल्प लिया जाता है।
- प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थान की सफाई करें।
- माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप, धूप और पुष्प अर्पित करें।
- व्रत का संकल्प लें और विधि-अनुसार पूजा करें।
- हरियाली और हरे रंग का इस पर्व में विशेष स्थान है — हरे वस्त्र, हरी चूड़ियाँ और हरी सामग्री शुभ मानी जाती हैं।
- झूला (स्विंग) का उत्सव इस दिन की पहचान है; घरों और आँगनों में झूले सजाए जाते हैं।
- कथा श्रवण करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
पूजा की विधि, सामग्री और व्रत के नियम स्थान और परिवार की परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। किसी विशेष विधि के लिए अपने कुल-परंपरा या किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना उचित है।
क्षेत्रीय विविधताएँ
हरियाली तीज मुख्य रूप से राजस्थान और उत्तर भारत में मनाई जाती है। राजस्थान में यह पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहाँ झूलों, हरे रंग और सामूहिक उत्सव का विशेष महत्व है। उत्तर भारत के अन्य भागों में भी यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, हालाँकि रीति-रिवाज स्थानीय परंपराओं के अनुसार बदल सकते हैं।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों में तीज के अन्य रूप भी प्रचलित हैं, और उनकी तिथियाँ तथा विधियाँ अलग हो सकती हैं। जहाँ परंपराएँ भिन्न हों, वहाँ
हरियाली तीज 2027 की तिथियाँ
- हरियाली तीज
- बुधवार, 4 अगस्त 2027श्रावण शुक्ल तृतीया (kshaya tithi)
हरियाली तीज 2028 की तिथियाँ
- हरियाली तीज
- सोमवार, 24 जुलाई 2028श्रावण शुक्ल तृतीया (sunrise)
प्रश्न
हरियाली तीज 2027 में कब है?
हरियाली तीज बुधवार, 4 अगस्त 2027 (श्रावण शुक्ल तृतीया (kshaya tithi)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
हरियाली तीज कब है?
हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।
हरियाली तीज कहाँ मनाया जाता है?
राजस्थान, उत्तर भारत।
अलग-अलग पंचांगों में हरियाली तीज की तारीख़ क्यों बदल सकती है?
हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।
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