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हिंदू त्योहार · Vaikuntha Ekadashi

वैकुंठ एकादशी

अगली तिथि रविवार, 20 दिसंबर 2026 · शुक्ल एकादशी in the धनु solar month

तिथि / समयमार्गशीर्ष/पौष शुक्ल एकादशी (सौर मास से)
देवताविष्णु
पालनवैकुंठ द्वार
कहाँदक्षिण भारत

वैकुंठ एकादशी 2026 की तिथियाँ

वैकुंठ एकादशी
रविवार, 20 दिसंबर 2026शुक्ल एकादशी in the धनु solar month

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।

वैकुंठ एकादशी: महत्व और कथा

वैकुंठ एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित एक प्रमुख व्रत है। यह मार्गशीर्ष या पौष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। परंपरा में इसे "वैकुंठ द्वार" के नाम से भी जाना जाता है — अर्थात वह द्वार जो भगवान विष्णु के परम धाम की ओर संकेत करता है।

इस दिन का स्वामी भगवान विष्णु हैं, और व्रत रखने वाले भक्त उनकी कृपा, सुरक्षा और मोक्ष की भावना से प्रेरित होकर यह व्रत करते हैं। यह व्रत मुख्य रूप से दक्षिण भारत में विशेष श्रद्धा के साथ किया जाता है, जहाँ इसे "वैकुंठ एकादशी" के नाम से जाना जाता है।

कथा और महात्म्य के अनुसार, इस एकादशी का संबंध भगवान विष्णु के वैकुंठ धाम से माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन वैकुंठ का द्वार खुलता है, और जो भक्त श्रद्धा व नियम के साथ इस व्रत को करते हैं, उन्हें भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। यह वर्णन भक्ति और आत्म-अनुशासन पर केंद्रित है, न कि किसी भौतिक लाभ की गारंटी पर।

व्रत का आध्यात्मिक अर्थ

एकादशी व्रत की परंपरा में भोजन, निद्रा और इंद्रिय-सुखों का संयम शामिल है। वैकुंठ एकादशी पर यह संयम भगवान विष्णु के ध्यान, जप और श्रवण-कीर्तन के साथ जोड़ा जाता है। उद्देश्य मन को स्थिर करना और भगवान की ओर उन्मुख करना है। यह व्रत किसी व्यक्तिगत फल की मांग नहीं, बल्कि भक्ति और समर्पण की साधना है।

तिथि कैसे निर्धारित होती है

वैकुंठ एकादशी की तिथि पंचांग के अनुसार तय होती है। यह मार्गशीर्ष या पौष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ती है। चूँकि हिंदू पर्व तिथि, नक्षत्र या सूर्य के राशि-प्रवेश पर आधारित होते हैं, इसलिए यह तिथि हर वर्ष बदलती है।

तिथि की गणना स्थान के अनुसार भी भिन्न हो सकती है। अमांत और पूर्णिमांत पंचांगों में अंतर होने से, तथा विभिन्न शहरों के सूर्योदय के समय के कारण, एक ही पर्व एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए किसी एक शहर के लिए दी गई तिथि दूसरे शहर के लिए भिन्न हो सकती है।

इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश के आधार पर गणना की जाती हैं। पाठक अपने निकटतम स्थान के पंचांग से भी मिलान कर सकते हैं।

पूजा विधि

वैकुंठ एकादशी की पूजा में भगवान विष्णु का ध्यान, स्नान, और शुद्ध वस्त्र धारण करना शामिल है। भक्त अपने घर के मंदिर या किसी विष्णु मंदिर में जाकर पूजा करते हैं।

पूजा विधि में स्थानीय परंपराओं और कुल-रीति के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी व्यक्तिगत संकल्प या ज्योतिषीय परामर्श के लिए योग्य ज्योतिषी से सलाह लेना उचित है।

क्षेत्रीय परंपराएँ

यह पर्व मुख्य रूप से दक्षिण भारत में मनाया जाता है। वहाँ इसे "वैकुंठ एकादशी" के नाम से जाना जाता है, और मंदिरों में विशेष पूजा, भजन और "वैकुंठ द्वार" से संबंधित पर

वैकुंठ एकादशी 2028 की तिथियाँ

वैकुंठ एकादशी
शनिवार, 8 जनवरी 2028शुक्ल एकादशी in the धनु solar month
वैकुंठ एकादशी
बुधवार, 27 दिसंबर 2028शुक्ल एकादशी in the धनु solar month

प्रश्न

वैकुंठ एकादशी 2026 में कब है?

वैकुंठ एकादशी रविवार, 20 दिसंबर 2026 (शुक्ल एकादशी in the धनु solar month) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।

वैकुंठ एकादशी कब है?

वैकुंठ एकादशी मार्गशीर्ष/पौष शुक्ल एकादशी (सौर मास से) को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।

वैकुंठ एकादशी कहाँ मनाया जाता है?

दक्षिण भारत।

अलग-अलग पंचांगों में वैकुंठ एकादशी की तारीख़ क्यों बदल सकती है?

हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।

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