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हिंदू त्योहार · Sharad Navratri

शारदीय नवरात्रि

अगली तिथि गुरुवार, 30 सितंबर 2027 · आश्विन शुक्ल प्रतिपदा (kshaya tithi)

तिथि / समयआश्विन शुक्ल प्रतिपदा–नवमी
देवतादुर्गा
पालनदुर्गा की नौ रातें
कहाँपूरे भारत में

शारदीय नवरात्रि 2026 की तिथियाँ

शारदीय नवरात्रि
रविवार, 11 अक्टूबर 2026आश्विन शुक्ल प्रतिपदा (sunrise)

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।

शारदीय नवरात्रि: अर्थ, विधि और क्षेत्रीय परंपराएँ

शारदीय नवरात्रि हिंदू परंपरा का एक प्रमुख पर्व है, जो आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मनाया जाता है। इन नौ रात्रियों में देवी दुर्गा की उपासना की जाती है। यह पर्व भारत भर में — उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम — अलग-अलग रूपों में आचरण में लाया जाता है, परंतु इसका केंद्रीय भाव एक ही रहता है: शक्ति की साधना और आत्म-शुद्धि। यह लेख पर्व के स्वरूप, तिथि-निर्धारण, पूजा विधि, क्षेत्रीय भेदों तथा सावधानियों पर केंद्रित है।

महत्व और कथा

नवरात्रि का अर्थ है "नौ रातें"। शारदीय नवरात्रि शरद ऋतु में आती है, इसलिए इसे "शारदीय" कहा जाता है। इस अवधि में देवी दुर्गा की आराधना नौ रूपों में की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है। पुराणों में वर्णित परंपरा के अनुसार, देवी दुर्गा ने इन नौ रात्रियों में महिषासुर का वध किया था — यह कथा अधर्म पर धर्म की विजय और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक मानी जाती है।

इस पर्व का आध्यात्मिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। नौ रातें साधक के भीतर की चेतना को जागृत करने, इंद्रियों और मन को संयमित करने तथा भक्ति और शक्ति के संतुलन का प्रतीक मानी जाती हैं। यह पर्व किसी व्यक्तिगत फल की प्राप्ति का दावा नहीं करता, बल्कि सामूहिक श्रद्धा, संकल्प और साधना का अवसर प्रदान करता है।

तिथि कैसे निर्धारित होती है

शारदीय नवरात्रि की तिथि पंचांग के अनुसार निर्धारित होती है। यह आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तिथि तक चलती है। चूँकि हिंदू तिथियाँ सूर्योदय, चंद्रमा की स्थिति और तिथि के क्षण पर आधारित होती हैं, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तिथि प्रत्येक वर्ष बदलती रहती है।

इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ पंचांग की गणना से प्राप्त होती हैं। यह ध्यान रखना उपयोगी है कि अमांत और पूर्णिमांत परंपराओं में मास-गणना का क्रम भिन्न होता है, और विभिन्न नगरों के लिए सूर्योदय का समय भिन्न होने से तिथि एक दिन आगे-पीछे हो सकती है। इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय तथा लाहिरी अयनांश पर आधारित हैं। अन्य स्थानों या परंपराओं के लिए स्थानीय पंचांग देखना उचित रहता है।

पूजा विधि

नवरात्रि की पूजा विधि सरल भी है और विस्तृत भी — यह साधक की परंपरा, क्षेत्र और सामर्थ्य पर निर्भर करती है। सामान्यतः निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है:

पूजा में शुद्धता, संयम और श्रद्धा पर बल दिया जाता है। यह ध्यान रखें कि विधि-विधान स्थानीय आचार और क

शारदीय नवरात्रि 2027 की तिथियाँ

शारदीय नवरात्रि
गुरुवार, 30 सितंबर 2027आश्विन शुक्ल प्रतिपदा (kshaya tithi)

शारदीय नवरात्रि 2028 की तिथियाँ

शारदीय नवरात्रि
मंगलवार, 19 सितंबर 2028आश्विन शुक्ल प्रतिपदा (sunrise)

प्रश्न

शारदीय नवरात्रि 2027 में कब है?

शारदीय नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर 2027 (आश्विन शुक्ल प्रतिपदा (kshaya tithi)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।

शारदीय नवरात्रि कब है?

शारदीय नवरात्रि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा–नवमी को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।

शारदीय नवरात्रि कहाँ मनाया जाता है?

पूरे भारत में।

अलग-अलग पंचांगों में शारदीय नवरात्रि की तारीख़ क्यों बदल सकती है?

हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।

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