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हिंदू त्योहार · Ram Navami

राम नवमी

अगली तिथि गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 · चैत्र शुक्ल नवमी (noon)

तिथि / समयचैत्र शुक्ल नवमी
देवताराम
पालनश्रीराम का जन्म
कहाँपूरे भारत में

राम नवमी 2026 की तिथियाँ

राम नवमी
गुरुवार, 26 मार्च 2026चैत्र शुक्ल नवमी (noon)

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।

राम नवमी: महत्व और कथा

राम नवमी का पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन भगवान राम के जन्म की स्मृति में समर्पित है। परंपरा में इसे मर्यादा, धर्म और कर्तव्य के आदर्श से जोड़ा जाता है। देश भर में यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, और भारत के बाहर रहने वाले समुदायों में भी इसका पालन होता है।

यह पर्व किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उत्तर से दक्षिण तक, पूर्व से पश्चिम तक, विभिन्न परंपराओं में राम की कथा सुनाई और सुनी जाती है। कहीं रामायण का पाठ होता है, कहीं कीर्तन और भजन, और कहीं व्रत के साथ पूजा। इस दिन का मूल भाव यही है — राम के जीवन से मिलने वाली सीख को स्मरण करना और अपने आचरण में उतारने का संकल्प लेना।

तिथि कैसे निर्धारित होती है

राम नवमी की तिथि पंचांग से गणना करके तय की जाती है। यह चैत्र शुक्ल नवमी से जुड़ी है, इसलिए अंग्रेजी कैलेंडर में इसकी तारीख हर वर्ष बदलती रहती है। इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष की गणना से प्राप्त की जाती हैं।

यह समझना उपयोगी है कि हिंदू पर्वों की तिथियाँ तिथि, नक्षत्र या सूर्य के संक्रमण के आधार पर तय होती हैं। इसी कारण एक ही पर्व अलग-अलग शहरों में एक दिन आगे-पीछे दिख सकता है। साथ ही, अमांत और पूर्णिमांत — इन दो पद्धतियों में भी अंतर आ जाता है। जहाँ परंपराएँ भिन्न हैं, वहाँ हम किसी एक को चुनने के बजाय दोनों का उल्लेख करते हैं। इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश पर आधारित हैं।

पूजा विधि

राम नवमी की पूजा का स्वरूप घर-घर और मंदिर-मंदिर में भिन्न हो सकता है, पर कुछ बातें सामान्य रूप से देखी जाती हैं:

विधि में स्थानीय परंपरा और कुल-रीति का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है। जहाँ शास्त्रीय विधान और लोकाचार में अंतर हो, वहाँ अपने परिवार या गुरु की परंपरा के अनुसार चलना उचित माना जाता है।

क्षेत्रीय विविधता

राम नवमी का उत्सव पूरे भारत में मनाया जाता है, पर इसका रंग हर जगह अलग है। उत्तर भारत में अनेक स्थानों पर रामलीला का आयोजन होता है और शोभायात्राएँ निकलती हैं। मंदिरों में विशेष सजावट और भोग-प्रसाद की व्यवस्था होती है।

दक्षिण भारत में भी यह दिन श्रद्धा से मनाया जाता है; वहाँ पाठ, संगीत और मंदिर-उत्सवों पर विशेष बल दिखता है। पूर्वी और पश्चिमी भारत की परंपराओं में भी व्रत, कीर्तन और सामूहिक पूजा के अपने ढंग हैं। इसी तरह स्मार्त और वैष्णव परंपराओं में पूजा-विधि और पाठ की प्राथमिकताएँ भिन्न हो सकती हैं। यह विविधता पर्व की समृद्धि का हिस्सा है

राम नवमी 2027 की तिथियाँ

राम नवमी
गुरुवार, 15 अप्रैल 2027चैत्र शुक्ल नवमी (noon)

राम नवमी 2028 की तिथियाँ

राम नवमी
सोमवार, 3 अप्रैल 2028चैत्र शुक्ल नवमी (noon)

प्रश्न

राम नवमी 2027 में कब है?

राम नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 (चैत्र शुक्ल नवमी (noon)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।

राम नवमी कब है?

राम नवमी चैत्र शुक्ल नवमी को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।

राम नवमी कहाँ मनाया जाता है?

पूरे भारत में।

अलग-अलग पंचांगों में राम नवमी की तारीख़ क्यों बदल सकती है?

हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।

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