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हिंदू त्योहार · Anant Chaturdashi

अनंत चतुर्दशी

अगली तिथि मंगलवार, 14 सितंबर 2027 · भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (noon)

तिथि / समयभाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी
देवताविष्णु
पालनगणेश विसर्जन, अनंत सूत्र
कहाँमहाराष्ट्र, पूरे भारत में

अनंत चतुर्दशी 2026 की तिथियाँ

अनंत चतुर्दशी
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (noon)

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।

अनंत चतुर्दशी: अर्थ, तिथि निर्धारण और पूजन विधि

अनंत चतुर्दशी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व भगवान विष्णु को समर्पित है और विशेष रूप से महाराष्ट्र तथा सम्पूर्ण भारत में श्रद्धापूर्वक किया जाता है। इस दिन का सम्बन्ध गणेश विसर्जन और अनंत सूत्र से भी जुड़ा हुआ है। इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ पंचांग की गणना से प्राप्त होती हैं; प्रत्येक वर्ष की सटीक ग्रेगोरियन तिथि इस पृष्ठ पर तालिका में दर्शाई जाती है।

महत्व और कथा

अनंत चतुर्दशी का सम्बन्ध भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप से है। "अनंत" शब्द उस सत्ता को सूचित करता है जिसका कोई अंत नहीं — जो अनादि और अनंत है। परम्परा में यह दिन भगवान विष्णु की आराधना, व्रत और अनंत सूत्र धारण करने के लिए जाना जाता है।

शास्त्रीय परम्परा में अनंत सूत्र को एक पवित्र धागा माना गया है, जिसे विधिपूर्वक पूजन के बाद धारण किया जाता है। यह सूत्र भक्त और भगवान के बीच के सम्बन्ध का प्रतीक है — यह स्मरण कराता है कि जीवन में जो भी आता है, उसके मूल में अनंत सत्ता है। इस दिन का व्रत और पूजन भक्तों को धैर्य, संतोष और विष्णु-भक्ति की ओर प्रेरित करता है।

यह पर्व महाराष्ट्र में विशेष रूप से गणेश विसर्जन के साथ जुड़ा हुआ है। गणेश चतुर्थी से आरम्भ हुआ उत्सव अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ सम्पन्न होता है। इस प्रकार यह दिन उत्सव के समापन और भगवान विष्णु की आराधना — दोनों का संगम है।

तिथि कैसे निर्धारित होती है

हिन्दू पर्वों की तिथियाँ पंचांग के गणित पर आधारित होती हैं। अनंत चतुर्दशी भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को मनाई जाती है। चूँकि तिथि चन्द्रमा की गति से निर्धारित होती है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख प्रत्येक वर्ष बदलती रहती है।

तिथि का आरम्भ और समापन किसी स्थान विशेष के सूर्योदय के सापेक्ष देखा जाता है। इस कारण एक ही पर्व अलग-अलग नगरों में एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। इसके अतिरिक्त अमान्त और पूर्णिमान्त — इन दो पद्धतियों में भी तिथि की गणना भिन्न हो सकती है। इसलिए यदि किसी अन्य कैलेंडर में तिथि एक दिन भिन्न दिखे तो यह असामान्य नहीं है।

इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय तथा लाहिरी अयनांश के आधार पर गणना की जाती हैं। अपने नगर के लिए सटीक समय जानने के लिए स्थानीय पंचांग देखना उचित रहता है।

पूजा विधि

परम्परा के अनुसार इस दिन का पूजन सरल और श्रद्धापूर्ण होता है। सामान्यतः निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है:

व्रत का पारण परम्परा के अनुसार किया जाता है। घर-घर में विधि और सामग्री में थोड़ा अंतर हो सकता है; मुख्य बात श्रद्धा और नियमितता है। किसी विशेष विधि के लिए अपने कुल-परम्परा या स्थानीय पंडित का मार्गदर्शन लेना उचित होता है।

क्षेत्रीय भिन्नताएँ

महाराष्ट्र में यह दिन गणेश विसर्जन के रूप में विशेष उल्लास के साथ मनाया जाता है। "गणपति

अनंत चतुर्दशी 2027 की तिथियाँ

अनंत चतुर्दशी
मंगलवार, 14 सितंबर 2027भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (noon)

अनंत चतुर्दशी 2028 की तिथियाँ

अनंत चतुर्दशी
शनिवार, 2 सितंबर 2028भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (noon)

प्रश्न

अनंत चतुर्दशी 2027 में कब है?

अनंत चतुर्दशी मंगलवार, 14 सितंबर 2027 (भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (noon)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।

अनंत चतुर्दशी कब है?

अनंत चतुर्दशी भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।

अनंत चतुर्दशी कहाँ मनाया जाता है?

महाराष्ट्र, पूरे भारत में।

अलग-अलग पंचांगों में अनंत चतुर्दशी की तारीख़ क्यों बदल सकती है?

हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।

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