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हिंदू त्योहार · Guru Gobind Singh Jayanti

गुरु गोबिंद सिंह जयंती

तिथि / समयपौष शुक्ल सप्तमी
देवतागुरु गोबिंद सिंह (सिख)
पालनगुरु गोबिंद सिंह का गुरपुरब
कहाँपंजाब, पूरे भारत में

गुरु गोबिंद सिंह जयंती

गुरु गोबिंद सिंह जयंती सिख परंपरा का एक प्रमुख गुरपुरब है, जो सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकटोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व पौष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को आता है। पंजाब तथा पूरे भारत में श्रद्धा और उल्लास के साथ इसे मनाया जाता है। इस पृष्ठ पर वर्ष-विशेष की तिथि, तिथि-गणना तथा पूजा-मुहूर्त पंचांग के अनुसार दिए जाते हैं।

महत्व और कथा

गुरु गोबिंद सिंह जी सिख परंपरा में निर्भयता, सेवा और सत्य के प्रतीक माने जाते हैं। उनका जीवन त्याग, संघर्ष और मानवता की सेवा का उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने सिख समुदाय को संगठित किया और निडर होकर धर्म तथा न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

गुरपुरब के अवसर पर श्रद्धालु गुरुद्वारों में एकत्र होते हैं, कीर्तन-सत्संग करते हैं और गुरुवाणी का पाठ करते हैं। यह दिन केवल एक ऐतिहासिक स्मरण नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और सेवा-भाव को अपनाने का अवसर भी माना जाता है। परंपरा में यह विश्वास है कि गुरु की वाणी और उनका आदर्श जीवन मार्गदर्शन करता है।

तिथि कैसे निर्धारित होती है

हिंदू पर्वों की तिथियाँ चंद्र-आधारित पंचांग से तय होती हैं। गुरु गोबिंद सिंह जयंती पौष शुक्ल सप्तमी को मनाई जाती है। चूँकि तिथि का आरंभ और अंत सूर्योदय तथा चंद्र-गति पर निर्भर करता है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर वर्ष बदलती रहती है। इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय तथा लाहिरी अयनांश के आधार पर गणना की जाती हैं।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि अमांत और पूर्णिमांत परंपराओं में मास-गणना का अंतर होता है, इसलिए कुछ स्थानों पर तिथि एक दिन आगे-पीछे दिख सकती है। भिन्न नगरों के स्थानीय सूर्योदय के कारण भी अंतर संभव है। इसीलिए पंचांग के अनुसार तिथि की पुष्टि करना उचित माना जाता है।

पूजा विधि

इस दिन की सामान्य परंपरा सरल और श्रद्धापूर्ण है।

व्यक्तिगत पूजा या संकल्प के लिए यदि कोई विशेष विधि अपनानी हो, तो अपने क्षेत्र की परंपरा तथा गुरुद्वारे के मार्गदर्शन का पालन करना उचित होता है। ज्योतिषीय गणना से संबंधित व्यक्तिगत प्रश्नों के लिए योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना बेहतर माना जाता है।

क्षेत्रीय विविधताएँ

यह पर्व मुख्य रूप से पंजाब तथा पूरे भारत में मनाया जाता है। पंजाब में गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजाए जाते हैं, प्रभात फेरियाँ निकलती हैं और नगर कीर्तन होते हैं। अन्य राज्यों में भी सिख संगतें तथा श्रद्धालु गुरुद्वारों में एकत्र होकर कीर्तन और लंगर में भाग लेते हैं।

प्रवासी भारतीय समुदायों में यह पर्व स्थानीय गुरुद्वारों में सामूहिक रूप से मनाया जाता है। कहीं-कहीं यह आयोजन एक दिन तक सीमित रहता है, तो कहीं कई दिनों तक कीर्तन और सेवा कार्यक्रम चलते हैं। इन विविधताओं के बावजूद भाव एक ही रहता है — गुरु की वाणी का स्मरण और सेवा।

क्या

प्रश्न

गुरु गोबिंद सिंह जयंती कब है?

गुरु गोबिंद सिंह जयंती पौष शुक्ल सप्तमी को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।

गुरु गोबिंद सिंह जयंती कहाँ मनाया जाता है?

पंजाब, पूरे भारत में।

अलग-अलग पंचांगों में गुरु गोबिंद सिंह जयंती की तारीख़ क्यों बदल सकती है?

हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।

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