हिंदू त्योहार · Ganesh Chaturthi
गणेश चतुर्थी
अगली तिथि शनिवार, 4 सितंबर 2027 · भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (noon)
| तिथि / समय | भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी |
|---|---|
| देवता | गणेश |
| पालन | 10 दिन का गणेशोत्सव |
| कहाँ | पूरे भारत में |
गणेश चतुर्थी 2026 की तिथियाँ
- गणेश चतुर्थी
- सोमवार, 14 सितंबर 2026भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (noon)
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
गणेश चतुर्थी: महत्व और कथा
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक प्रमुख हिंदू पर्व है। यह भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य माना जाता है — इसलिए किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में उनका स्मरण किया जाता है।
परंपरा के अनुसार, इसी तिथि को गणेश जी का प्राकट्य हुआ था। कथा में आता है कि माता पार्वती ने स्नान से पूर्व अपने पुत्र गणेश को द्वार पर पहरा देने के लिए नियुक्त किया; भगवान शिव जब लौटे तो गणेश ने उन्हें रोका, और इसी क्रम में उनका शीशच्छेद हुआ। बाद में शिव ने गणेश को हाथी का मुख प्रदान किया और उन्हें सर्वप्रथम पूज्यता का वरदान दिया। यह कथा त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और पुनर्जन्म की परंपरागत भावना से जुड़ी है।
गणेश चतुर्थी केवल एक दिन का पर्व नहीं है — इसके साथ दस दिवसीय गणेश उत्सव जुड़ा है। यह पर्व पूरे भारत में मनाया जाता है।
तिथि कैसे निर्धारित होती है
हिंदू पर्वों की तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, बल्कि पंचांग से तय होती है। गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को आती है। चूँकि तिथि सूर्योदय और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर गणना की जाती है, इसलिए प्रत्येक वर्ष की ग्रेगोरियन तिथि बदलती रहती है।
इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ पंचांग से गणना करके दिखाई जाती हैं। ध्यान रहे कि तिथि, नक्षत्र या सूर्य के राशि प्रवेश के आधार पर किसी स्थान विशेष की तिथि एक दिन आगे-पीछे हो सकती है। अमांत और पूर्णिमांत परंपराओं में भी अंतर संभव है। यहाँ दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय तथा लाहिरी अयनांश पर आधारित हैं। अपने नगर के लिए स्थानीय पंचांग देखना उचित रहता है।
पूजा विधि
गणेश चतुर्थी की पूजा में भक्तगण भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करते हैं और विधिपूर्वक पूजन करते हैं। सामान्यतः निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है:
- स्नान-ध्यान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल तैयार करें।
- गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें, दीपक और धूप प्रज्वलित करें।
- दूर्वा, मोदक, लड्डू, फल और पुष्प अर्पित करें।
- गणेश जी के मंत्रों का जाप और आरती करें।
- उत्सव के दस दिनों तक नियमित पूजा और प्रसाद वितरण किया जाता है।
दसवें दिन मूर्ति का विसर्जन किया जाता है, जिसे अनंत चतुर्दशी के साथ जोड़ा जाता है। पूजा की विधि, मंत्र और क्रम स्थान और परिवार की परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकते हैं; किसी योग्य ज्योतिषी या पुरोहित से मार्गदर्शन लेना उचित रहता है।
क्षेत्रीय विविधताएँ
गणेश चतुर्थी पूरे भारत में मनाई जाती है, परंतु इसके आयोजन में क्षेत्रीय अंतर दिखाई देता है। महाराष्ट्र में दस दिवसीय सार्वजनिक गणेश उत्सव बड़े उत्साह से मनाया जाता है, जिसमें सामूहिक पंडाल और सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्मिलित होते हैं। दक्षिण भारत में घरों और मंदिरों में पूजा तथा विशेष नैवेद्य की परंपरा प्रचलित है। उत्तर भारत में भी घरों में स्थापना और विधिवत पूजन किया जाता है।
स्मार्त और वैष्णव परंपराओं तथा अमांत-पूर्णिमांत कैलेंडरों में तिथि और विधि को लेकर मतभेद हो सकते हैं। इन अंतरों को स्थानीय परंपरा के अनुसार समझना चाहिए; किसी एक को श्रेष्ठ कहना उचित नहीं है।
क्या करें और क
गणेश चतुर्थी 2027 की तिथियाँ
- गणेश चतुर्थी
- शनिवार, 4 सितंबर 2027भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (noon)
गणेश चतुर्थी 2028 की तिथियाँ
- गणेश चतुर्थी
- बुधवार, 23 अगस्त 2028भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (noon)
प्रश्न
गणेश चतुर्थी 2027 में कब है?
गणेश चतुर्थी शनिवार, 4 सितंबर 2027 (भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (noon)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
गणेश चतुर्थी कब है?
गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।
गणेश चतुर्थी कहाँ मनाया जाता है?
पूरे भारत में।
अलग-अलग पंचांगों में गणेश चतुर्थी की तारीख़ क्यों बदल सकती है?
हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।
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