हिंदू त्योहार · Durga Ashtami
दुर्गा अष्टमी
अगली तिथि सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल अष्टमी (sunrise)
| तिथि / समय | आश्विन शुक्ल अष्टमी |
|---|---|
| देवता | दुर्गा |
| पालन | कन्या पूजा, संधि पूजा |
| कहाँ | पूरे भारत में, विशेषकर पूर्वी भारत |
दुर्गा अष्टमी 2026 की तिथियाँ
- दुर्गा अष्टमी
- सोमवार, 19 अक्टूबर 2026आश्विन शुक्ल अष्टमी (sunrise)
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
दुर्गा अष्टमी: महत्व और कथा
दुर्गा अष्टमी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व देवी दुर्गा को समर्पित है और पूरे भारत में, विशेष रूप से पूर्वी भारत में, श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में अष्टमी तिथि का विशेष स्थान है, क्योंकि यह देवी के आठवें स्वरूप और उनकी शक्ति से जुड़ी मानी जाती है।
परंपरा के अनुसार, देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक असुर का वध किया था, और यह विजय बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। अष्टमी तिथि को इस संघर्ष के निर्णायक चरण से जोड़ा जाता है। श्रद्धालु इसे शक्ति, साहस और सुरक्षा की भावना के साथ स्मरण करते हैं। यह वर्णन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है, और इसे व्यक्तिगत जीवन में किसी विशेष परिणाम के वादे के रूप में नहीं देखा जाता।
तिथि कैसे निर्धारित होती है
दुर्गा अष्टमी की तिथि पंचांग के अनुसार तय होती है। मुख्य आधार आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। चूंकि हिंदू पर्व तिथि, नक्षत्र या सूर्य के राशि प्रवेश पर आधारित होते हैं, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इनकी तारीख हर वर्ष बदलती रहती है। इस पृष्ठ पर दी गई तारीखें पंचांग की गणना से ली जाती हैं।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि एक ही पर्व अलग-अलग शहरों में एक दिन आगे-पीछे हो सकता है, क्योंकि तिथि का आरंभ और अंत स्थानीय सूर्योदय के अनुसार देखा जाता है। इसके अलावा, अमांत और पूर्णिमांत परंपराओं में मास गणना का अंतर भी तारीख को प्रभावित कर सकता है। यहाँ दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश पर आधारित हैं। किसी अन्य स्थान के लिए स्थानीय पंचांग देखना उपयुक्त रहता है।
पूजा विधि
दुर्गा अष्टमी पर पूजा का स्वरूप क्षेत्र और परिवार के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है, लेकिन कुछ बातें सामान्य रूप से देखी जाती हैं।
- संधि पूजा: अष्टमी और नवमी तिथियों के संधिकाल में की जाने वाली पूजा। इसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, और अनेक स्थानों पर यह विधि विस्तार से की जाती है।
- कन्या पूजा: छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका स्वागत, पूजन और भोजन कराया जाता है। इसे कन्या पूजन या कुमारी पूजन भी कहा जाता है।
- देवी की आराधना: दुर्गा सप्तशती या देवी स्तोत्रों का पाठ, धूप-दीप और पुष्प अर्पण के साथ पूजा की जाती है।
- व्रत: अनेक श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।
पूजा की विधि, मंत्र संख्या और सामग्री में स्थानीय परंपराओं के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी विशेष विधि के लिए अपने कुल परंपरा या स्थानीय पंडित का मार्गदर्शन लेना उचित माना जाता है।
क्षेत्रीय विविधताएँ
दुर्गा अष्टमी पूरे भारत में मनाई जाती है, परंतु पूर्वी भारत में इसका विशेष महत्व है। बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान अष्टमी का दिन बड़े उत्साह से जुड़ा होता है, जहाँ संधि पूजा और कन्या पूजन प्रमुख आयोजन होते हैं।
अन्य क्षेत्रों में भी यह पर्व नवरात्रि के अंतर्गत आता है, लेकिन वहाँ पूजा के स्वरूप, भोग और आयोजन की परंपरा अलग हो सकती है। उत्तर भारत में कहीं-कहीं अष्टमी और नवमी दोनों दिन व्रत रखे जाते हैं, तो क
दुर्गा अष्टमी 2027 की तिथियाँ
- दुर्गा अष्टमी
- गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027आश्विन शुक्ल अष्टमी (sunrise)
दुर्गा अष्टमी 2028 की तिथियाँ
- दुर्गा अष्टमी
- मंगलवार, 26 सितंबर 2028आश्विन शुक्ल अष्टमी (sunrise)
प्रश्न
दुर्गा अष्टमी 2026 में कब है?
दुर्गा अष्टमी सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 (आश्विन शुक्ल अष्टमी (sunrise)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
दुर्गा अष्टमी कब है?
दुर्गा अष्टमी आश्विन शुक्ल अष्टमी को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।
दुर्गा अष्टमी कहाँ मनाया जाता है?
पूरे भारत में, विशेषकर पूर्वी भारत।
अलग-अलग पंचांगों में दुर्गा अष्टमी की तारीख़ क्यों बदल सकती है?
हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।
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