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हिंदू त्योहार · Ratha Saptami

रथ सप्तमी

अगली तिथि शनिवार, 13 फ़रवरी 2027 · माघ शुक्ल सप्तमी (sunrise)

तिथि / समयमाघ शुक्ल सप्तमी
देवतासूर्य
पालनसूर्य जयंती
कहाँदक्षिण और पश्चिमी भारत

रथ सप्तमी 2026 की तिथियाँ

रथ सप्तमी
रविवार, 25 जनवरी 2026माघ शुक्ल सप्तमी (sunrise)

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।

रथ सप्तमी — पर्व का परिचय

रथ सप्तमी का पर्व सूर्य को समर्पित है और माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इसे सूर्य जयंती के रूप में भी जाना जाता है। यह पर्व विशेष रूप से दक्षिण भारत और पश्चिम भारत में श्रद्धापूर्वक आचरण किया जाता है। पंचांग की परंपरा में तिथि, नक्षत्र और सूर्य के गोचर के अनुसार ही तिथियाँ निर्धारित होती हैं, इसलिए रथ सप्तमी का दिन भी प्रत्येक वर्ष पंचांग से ही निकाला जाता है। इस पृष्ठ पर वर्ष-विशेष की तिथि, तिथि-काल तथा पूजा मुहूर्त दिए गए हैं, जो गणना से प्राप्त होते हैं।

महत्व और कथा

रथ सप्तमी सूर्य उपासना का प्रमुख पर्व है। सूर्य को जीवन, प्रकाश और ऋतु-चक्र का आधार माना जाता है, और इस दिन उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की परंपरा है। पौराणिक दृष्टि से इस तिथि को सूर्य के रथ के उत्तरायण की ओर मुड़ने और सात घोड़ों के प्रतीक से जोड़कर देखा जाता है; सप्तमी तिथि का संबंध भी सूर्य के रथ से माना जाता है। यह दिन सूर्य जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिसमें सूर्यदेव की कृपा, आरोग्य और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है। यहाँ यह स्मरण रखें कि ज्योतिष शास्त्र व्यक्तिगत फलादेश के लिए ग्रह-स्थितियों का विस्तृत अध्ययन माँगता है; यह पर्व-सामग्री केवल परंपरा और आचरण का परिचय देती है, किसी व्यक्तिगत परिणाम का दावा नहीं करती।

तिथि कैसे निर्धारित होती है

रथ सप्तमी माघ शुक्ल सप्तमी को आती है। हिंदू पर्व तिथि, नक्षत्र अथवा सूर्य के गोचर पर आधारित होते हैं, इसलिए एक ही पर्व अलग-अलग नगरों में एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। इसके अतिरिक्त अमांत और पूर्णिमांत पंचांग पद्धतियों के कारण भी तिथि में अंतर दिखाई दे सकता है। इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय तथा लाहिरी अयनांश के आधार पर गणना की जाती हैं। इसलिए यदि आप किसी अन्य स्थान पर हैं, तो अपने स्थानीय पंचांग से तिथि और मुहूर्त की पुष्टि कर लेना उचित रहता है।

पूजा विधि

रथ सप्तमी की पूजा में सूर्यदेव की उपासना केंद्र में रहती है। परंपरागत रूप से इस दिन प्रातः स्नान, सूर्य को जल अर्पण तथा आदित्य हृदय स्तोत्र अथवा सूर्य स्तोत्र का पाठ किया जाता है। कई घरों में सूर्य की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप, पुष्प और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं। सूर्योदय के समय किया गया जल-अर्पण और मंत्र जप इस पर्व का सरल और व्यापक रूप है।

यह ध्यान रखें कि पूजा-विधि में स्थानीय परंपरा और कुलाचार के अनुसार भिन्नता होती है; किसी एक विधि को ही अंतिम न मानें।

क्षेत्रीय भिन्नताएँ

यह पर्व मुख्य रूप से दक्षिण भारत और पश्चिम भारत में मनाया जाता है। दक्षिण भारत में सूर्य मंदिरों और घरों में विशेष पूजा का आयोजन होता है, जबकि पश्चिम भारत में भी सूर्य उपासना की परंपरा प्रचलित है। उत्तर भारत में भी कहीं-कहीं इस तिथि पर सूर्य-आराधन किया जाता है, पर मुख्य आचरण दक्षिण और पश्चिम की परंपराओं में अधिक दिखता है। जहाँ परंपराएँ भिन्न हैं — स्मार्त और

रथ सप्तमी 2027 की तिथियाँ

रथ सप्तमी
शनिवार, 13 फ़रवरी 2027माघ शुक्ल सप्तमी (sunrise)

रथ सप्तमी 2028 की तिथियाँ

रथ सप्तमी
गुरुवार, 3 फ़रवरी 2028माघ शुक्ल सप्तमी (sunrise)

प्रश्न

रथ सप्तमी 2027 में कब है?

रथ सप्तमी शनिवार, 13 फ़रवरी 2027 (माघ शुक्ल सप्तमी (sunrise)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।

रथ सप्तमी कब है?

रथ सप्तमी माघ शुक्ल सप्तमी को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।

रथ सप्तमी कहाँ मनाया जाता है?

दक्षिण और पश्चिमी भारत।

अलग-अलग पंचांगों में रथ सप्तमी की तारीख़ क्यों बदल सकती है?

हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।

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