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हिंदू त्योहार · Ugadi / Gudi Padwa

उगादि / गुड़ी पड़वा

अगली तिथि बुधवार, 7 अप्रैल 2027 · चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (sunrise)

तिथि / समयचैत्र शुक्ल प्रतिपदा
देवताब्रह्मा
पालनचांद्र नव वर्ष (दक्कन)
कहाँकर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र

उगादि / गुड़ी पड़वा 2026 की तिथियाँ

उगादि / गुड़ी पड़वा
गुरुवार, 19 मार्च 2026चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (kshaya tithi)

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।

उगादि / गुड़ी पड़वा — महत्व और कथा

उगादि और गुड़ी पड़वा दोनों नाम एक ही तिथि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — पर आधारित हैं। यह तिथि हिन्दू चन्द्र वर्ष के नए प्रारंभ की सूचक मानी जाती है, इसलिए इसे चान्द्र नववर्ष कहा जाता है। दक्षिण भारत की परम्परा में इसे उगादि कहा जाता है, जबकि महाराष्ट्र में यही पर्व गुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है।

इस दिन की अधिष्ठात्री देवता ब्रह्मा माने गए हैं। मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि का क्रम आरम्भ हुआ, इसलिए यह तिथि सृष्टि के पुनः आरम्भ और नवीन आशा का प्रतीक है। पर्व का स्वरूप श्रद्धा, स्वच्छता और नए वर्ष के स्वागत का है — इसमें किसी फल या परिणाम का दावा नहीं किया जाता, बल्कि परम्परा के अनुसार पंचांग श्रवण और देव-स्मरण किया जाता है।

उगादि का शाब्दिक अर्थ “युग का आदि” — अर्थात् नए युग का प्रारंभ — से जोड़ा जाता है। इस दिन घरों में रंगोली बनाई जाती है, द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाया जाता है, और पंचांग का श्रवण किया जाता है। गुड़ी पड़वा में गुड़ी अर्थात् विजय-पताका को घर के बाहर या छत पर स्थापित किया जाता है, जो शुभ आरम्भ और सुरक्षा का प्रतीक मानी जाती है।

तिथि कैसे निर्धारित होती है

इस पर्व की तिथि कोई स्थिर ग्रेगोरियन दिनांक नहीं होती। यह प्रत्येक वर्ष पंचांग से गणना करके निकाली जाती है। आधार है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — अर्थात् चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पहली तिथि। चूँकि चान्द्र मास सूर्य के गोचर से जुड़ा होता है, इसलिए यह तिथि हर वर्ष अंग्रेज़ी कैलेंडर पर आगे-पीछे होती रहती है।

तिथि की गणना में प्रतिपदा का आरम्भ और समाप्ति-काल देखा जाता है, और यह भी कि वह स्थानीय सूर्योदय पर किस प्रकार पड़ती है। इसी कारण कभी-कभी एक ही पर्व अलग-अलग नगरों में एक दिन आगे-पीछे दिखाई दे सकता है। साथ ही अमान्त और पूर्णिमान्त पद्धतियों में मास-गणना का अंतर भी तिथि को प्रभावित करता है।

इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय तथा लाहिरी अयनांश के आधार पर गणना की गई हैं। अन्य स्थानों या अन्य पंचांग-पद्धतियों के लिए तिथि में एक दिन का अंतर सम्भव है — यह परम्परा का स्वाभाविक अंग है, कोई त्रुटि नहीं।

पूजा विधि

पूजा का स्वरूप क्षेत्र और कुल-परम्परा के अनुसार भिन्न हो सकता है, परन्तु सामान्य क्रम इस प्रकार रहता है:

यदि किसी विशेष विधि या मुहूर्त को लेकर संशय हो, तो अपने क

उगादि / गुड़ी पड़वा 2027 की तिथियाँ

उगादि / गुड़ी पड़वा
बुधवार, 7 अप्रैल 2027चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (sunrise)

उगादि / गुड़ी पड़वा 2028 की तिथियाँ

उगादि / गुड़ी पड़वा
सोमवार, 27 मार्च 2028चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (sunrise)

प्रश्न

उगादि / गुड़ी पड़वा 2027 में कब है?

उगादि / गुड़ी पड़वा बुधवार, 7 अप्रैल 2027 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (sunrise)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।

उगादि / गुड़ी पड़वा कब है?

उगादि / गुड़ी पड़वा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।

उगादि / गुड़ी पड़वा कहाँ मनाया जाता है?

कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र।

अलग-अलग पंचांगों में उगादि / गुड़ी पड़वा की तारीख़ क्यों बदल सकती है?

हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।

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