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हिंदू त्योहार · Gita Jayanti

गीता जयंती

अगली तिथि रविवार, 20 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (sunrise)

तिथि / समयमार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
देवताकृष्ण
पालनभगवद्गीता का पाठ
कहाँपूरे भारत में

गीता जयंती 2026 की तिथियाँ

गीता जयंती
रविवार, 20 दिसंबर 2026मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (sunrise)

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।

गीता जयंती: अर्थ, तिथि निर्धारण और पालन

महत्व और कथा

गीता जयंती मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। यह वह दिन माना जाता है जब भगवान कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था। इस दिन का केंद्रीय भाव है — भगवद्गीता का पाठ, श्रवण और मनन।

गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि कर्तव्य, ज्ञान, भक्ति और योग का समन्वय है। इसीलिए यह पर्व पूरे भारत में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन का देवता भगवान कृष्ण हैं, और मुख्य अनुष्ठान भगवद्गीता का पाठ है।

परंपरा में माना जाता है कि इसी दिन कुरुक्षेत्र में अर्जुन के मोह का नाश हुआ और उन्हें आत्मज्ञान तथा कर्मयोग का मार्ग दिखा। गीता जयंती उसी उपदेश की स्मृति है — यह दिन स्मरण, स्वाध्याय और आत्मचिंतन का है।

तिथि कैसे निर्धारित होती है

गीता जयंती की तिथि मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी है। हिंदू पर्व तिथि, नक्षत्र या सूर्य के संक्रमण पर आधारित होते हैं, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर वर्ष पंचांग से गणना करके निकाली जाती है। इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ पंचांग गणना से प्राप्त की जाती हैं।

ध्यान रहे कि एक ही तिथि अलग-अलग शहरों में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है, क्योंकि तिथि का आरंभ और अंत स्थानीय सूर्योदय के अनुसार देखा जाता है। साथ ही अमांत और पूर्णिमांत परंपराओं में भी अंतर दिख सकता है। यहाँ दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय तथा लाहिरी अयनांश के आधार पर हैं।

इसलिए यदि किसी अन्य पंचांग या किसी अन्य शहर में एक दिन का अंतर दिखे, तो वह त्रुटि नहीं, बल्कि गणना पद्धति और स्थान का स्वाभाविक परिणाम है। अपने स्थान के अनुसार तिथि की पुष्टि स्थानीय पंचांग से कर लेना उचित रहता है।

पूजा विधि

इस दिन का प्रमुख अनुष्ठान भगवद्गीता का पाठ है। पारंपरिक रूप से लोग स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं, घर के मंदिर या पूजा स्थल पर दीप प्रज्वलित करते हैं, और कृष्ण का स्मरण करते हैं।

कई स्थानों पर इस दिन उपवास भी रखा जाता है, परंतु यह व्यक्ति की परंपरा और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। इसे अनिवार्य नियम न मानें।

क्षेत्रीय विविधताएँ

गीता जयंती पूरे भारत में मनाई जाती है, परंतु पालन की शैली में अंतर दिखता है। उत्तर भारत में अनेक स्थानों पर गीता पाठ और सत्संग का आयोजन होता है, तथा कुरुक्षेत्र में इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है।

दक्षिण भारत में भी कृष्ण-संबंधी पर्वों में गीता पारायण की परंपरा मिलती है। स्मार्त और वैष्णव संप्रदायों में पूजा-विधि और पाठ-क्रम की प्राथमिकताएँ भिन्न हो सकती हैं।

प्रवासी भारतीय समुदायों में यह दिन अक्सर सामूहिक गीता पाठ, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रूप में मनाया जाता है। इस प्रकार रूप अनेक हैं, परंतु भाव एक ही

गीता जयंती 2027 की तिथियाँ

गीता जयंती
गुरुवार, 9 दिसंबर 2027मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (sunrise)

गीता जयंती 2028 की तिथियाँ

गीता जयंती
सोमवार, 27 नवंबर 2028मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (sunrise)

प्रश्न

गीता जयंती 2026 में कब है?

गीता जयंती रविवार, 20 दिसंबर 2026 (मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (sunrise)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।

गीता जयंती कब है?

गीता जयंती मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।

गीता जयंती कहाँ मनाया जाता है?

पूरे भारत में।

अलग-अलग पंचांगों में गीता जयंती की तारीख़ क्यों बदल सकती है?

हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।

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