हिंदू त्योहार · Nag Panchami
नाग पंचमी
अगली तिथि शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 · श्रावण शुक्ल पंचमी (sunrise)
| तिथि / समय | श्रावण शुक्ल पंचमी |
|---|---|
| देवता | नाग |
| पालन | नाग पूजा |
| कहाँ | पूरे भारत में, विशेषकर महाराष्ट्र |
नाग पंचमी 2026 की तिथियाँ
- नाग पंचमी
- सोमवार, 17 अगस्त 2026श्रावण शुक्ल पंचमी (sunrise)
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
नाग पंचमी: पर्व का परिचय
नाग पंचमी एक प्रमुख हिंदू पर्व है जो नागों की पूजा को समर्पित है। यह पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की आराधना की जाती है और सर्प पूजन की परंपरा निभाई जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से पूरे भारत में मनाया जाता है, विशेषकर महाराष्ट्र में इसका विशेष महत्व है।
नाग पंचमी का संबंध ज्योतिष शास्त्र से भी गहरा है। पंचांग के अनुसार, इस पर्व की तिथि प्रत्येक वर्ष श्रावण शुक्ल पंचमी को निर्धारित होती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी सटीक तारीख प्रत्येक वर्ष पंचांग से गणना करके निकाली जाती है, जो इस पृष्ठ पर दी गई है।
महत्व और कथा
नाग पंचमी का महत्व नागों को देवता के रूप में पूजने की परंपरा में निहित है। हिंदू धर्म में नागों को शक्ति, रक्षा और जल तत्व का प्रतीक माना जाता है। श्रावण मास में नाग पूजन का विधान विशेष फलदायी माना गया है। यह पर्व सर्पों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नाग देवता कश्यप ऋषि और कद्रू की संतान हैं। समुद्र मंथन में नागों का विशेष योगदान रहा है। शेषनाग, वासुकी, तक्षक आदि नागों की पूजा इस दिन की जाती है। यह पर्व नागों के प्रति भय को श्रद्धा में बदलने का संदेश देता है।
नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से सर्प भय से मुक्ति, संतान सुख और समृद्धि की प्राप्ति मानी जाती है। हालांकि, यह एक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व है, इसलिए इसका पालन श्रद्धा और परंपरा के अनुसार किया जाता है। व्यक्तिगत फलादेश के लिए योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना उचित है।
तिथि कैसे निर्धारित होती है
नाग पंचमी की तिथि श्रावण शुक्ल पंचमी के आधार पर निर्धारित होती है। हिंदू पर्वों की तिथियां पंचांग के अनुसार तिथि, नक्षत्र या सूर्य के राशि प्रवेश पर आधारित होती हैं। इस कारण विभिन्न शहरों में और अमांत तथा पूर्णिमांत कैलेंडरों के बीच तिथि में एक दिन का अंतर हो सकता है।
इस पृष्ठ पर दी गई तिथियां नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश के आधार पर गणना की गई हैं। पंचांग गणना में स्थानीय सूर्योदय, तिथि की अवधि और अयनांश का ध्यान रखा जाता है। इसलिए एक ही पर्व अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग दिन पड़ सकता है।
यदि आप किसी विशेष शहर के लिए सटीक तिथि जानना चाहते हैं, तो स्थानीय पंचांग देखें या योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें। यहां दी गई जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है।
पूजा विधि
नाग पंचमी की पूजा विधि सरल और श्रद्धापूर्ण है। इस दिन प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। नाग देवता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। दूध, जल, पुष्प, अक्षत, हल्दी और कुमकुम से पूजन करें।
- नाग देवता को दूध और जल का अर्घ्य अर्पित करें।
- हल्दी, कुमकुम, अक्षत और पुष्प चढ़ाएं।
- धूप और दीप से आरती करें।
- नाग पंचमी की कथा सुनें या सुनाएं।
- दूध, चावल और मिठाई का भोग लगाएं।
- ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान दें।
कुछ स्थानों पर नागों की मूर्तियों या चित्रों की पूजा की जाती है। कहीं-कहीं जीवित सर्पों की पूजा की परंपरा भी प्रचलित है, लेकिन यह सावधानीपूर्वक की जाती है। पूजा के दौरान मन में श्रद्धा और भक्ति भाव रख
नाग पंचमी 2027 की तिथियाँ
- नाग पंचमी
- शुक्रवार, 6 अगस्त 2027श्रावण शुक्ल पंचमी (sunrise)
नाग पंचमी 2028 की तिथियाँ
- नाग पंचमी
- बुधवार, 26 जुलाई 2028श्रावण शुक्ल पंचमी (sunrise)
प्रश्न
नाग पंचमी 2027 में कब है?
नाग पंचमी शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 (श्रावण शुक्ल पंचमी (sunrise)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
नाग पंचमी कब है?
नाग पंचमी श्रावण शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।
नाग पंचमी कहाँ मनाया जाता है?
पूरे भारत में, विशेषकर महाराष्ट्र।
अलग-अलग पंचांगों में नाग पंचमी की तारीख़ क्यों बदल सकती है?
हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।
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