हिंदू त्योहार · Jagannath Rath Yatra
जगन्नाथ रथ यात्रा
अगली तिथि सोमवार, 5 जुलाई 2027 · आषाढ़ शुक्ल द्वितीया (sunrise)
| तिथि / समय | आषाढ़ शुक्ल द्वितीया |
|---|---|
| देवता | जगन्नाथ |
| पालन | रथ महोत्सव, पुरी |
| कहाँ | ओडिशा (पुरी), पूरे भारत में |
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 की तिथियाँ
- जगन्नाथ रथ यात्रा
- गुरुवार, 16 जुलाई 2026आषाढ़ शुक्ल द्वितीया (sunrise)
स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।
जगन्नाथ रथ यात्रा: महत्व और कथा
जगन्नाथ रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ को समर्पित एक प्रमुख पर्व है, जिसे आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा के रूप में प्रसिद्ध है, किंतु भारत और विदेशों में बसे हिंदू समुदायों में भी इसे श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। भगवान जगन्नाथ की परंपरा में यह दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन भगवान अपने बड़े रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं।
परंपरा के अनुसार, जगन्नाथ रथ यात्रा का संबंध भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों के नगर भ्रमण से जुड़ा है। यह पर्व भक्ति, समर्पण और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक माना जाता है। पुरी में यह उत्सव विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है, जहाँ देश-विदेश से भक्त दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं। जगन्नाथ शब्द का अर्थ ही है — जगत के नाथ, अर्थात् समस्त संसार के स्वामी। इसी कारण यह पर्व केवल एक स्थानीय उत्सव न रहकर व्यापक आस्था का केंद्र बन जाता है।
तिथि कैसे निर्धारित होती है
जगन्नाथ रथ यात्रा की तिथि पंचांग के आधार पर तय की जाती है। यह पर्व आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। हिंदू पर्व तिथि, नक्षत्र अथवा सूर्य के राशि प्रवेश पर आधारित होते हैं, इसलिए ये तिथियाँ स्थान के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं। अमांत और पूर्णिमांत पंचांग परंपराओं के बीच भी अंतर देखने को मिल सकता है। इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय तथा लाहिरी अयनांश के आधार पर गणना की गई हैं। पाठक ध्यान रखें कि भिन्न नगरों अथवा भिन्न पंचांग पद्धतियों के अनुसार तिथि में एक दिन का अंतर संभव है।
पूजा विधि
जगन्नाथ रथ यात्रा के दिन भक्त भगवान जगन्नाथ की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। पारंपरिक रूप से इस दिन व्रत, स्नान, ध्यान और कीर्तन का महत्व है। भक्त अपने घरों में भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करते हैं, फूल, तुलसी, फल आदि अर्पित करते हैं और आरती करते हैं। पुरी में यह उत्सव रथ यात्रा के रूप में विशेष होता है, जहाँ भगवान को रथ पर विराजमान करके नगर भ्रमण कराया जाता है।
- प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान जगन्नाथ का ध्यान करें और संभव हो तो व्रत रखें।
- दीप, धूप, पुष्प और तुलसी अर्पित करें।
- जगन्नाथ स्तोत्र, कीर्तन अथवा भजन का पाठ करें।
- रथ यात्रा में सम्मिलित होकर दर्शन का लाभ लें, यदि स्थानीय परंपरा हो।
यह ध्यान रखें कि पूजा विधि स्थान और परिवार की परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकती है। किसी विशेष संकल्प अथवा व्यक्तिगत कुंडली संबंधी प्रश्न के लिए योग्य ज्योतिषी से परामर्श करना उचित रहता है।
क्षेत्रीय विविधताएँ
जगन्नाथ रथ यात्रा का स्वरूप हर क्षेत्र में एक जैसा नहीं होता। ओडिशा के पुरी में यह पर्व अपने विशाल रथों, पारंपरिक अनुष्ठानों और सामूहिक भागीदारी के लिए जाना जाता है। भारत के अन्य भागों तथा प्रवासी हिंदू समुदायों में भी इस दिन भगवान जगन्नाथ की पूजा, कीर्तन और रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है। कहीं यह केवल मंदिर में पूजा तक सीमित रहता है, तो कहीं नगर में रथ निकालने की परंपरा है।
पंचांग
जगन्नाथ रथ यात्रा 2027 की तिथियाँ
- जगन्नाथ रथ यात्रा
- सोमवार, 5 जुलाई 2027आषाढ़ शुक्ल द्वितीया (sunrise)
जगन्नाथ रथ यात्रा 2028 की तिथियाँ
- जगन्नाथ रथ यात्रा
- शनिवार, 24 जून 2028आषाढ़ शुक्ल द्वितीया (sunrise)
प्रश्न
जगन्नाथ रथ यात्रा 2027 में कब है?
जगन्नाथ रथ यात्रा सोमवार, 5 जुलाई 2027 (आषाढ़ शुक्ल द्वितीया (sunrise)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।
जगन्नाथ रथ यात्रा कब है?
जगन्नाथ रथ यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।
जगन्नाथ रथ यात्रा कहाँ मनाया जाता है?
ओडिशा (पुरी), पूरे भारत में।
अलग-अलग पंचांगों में जगन्नाथ रथ यात्रा की तारीख़ क्यों बदल सकती है?
हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।
संबंधित
यह भी देखें
हिंदू त्योहार में और
- आडि पेरुक्कुAadi Perukku
- आडि पूरमAadi Pooram
- अक्षय नवमीAkshaya Navami
- अक्षय तृतीयाAkshaya Tritiya
- अनंत चतुर्दशीAnant Chaturdashi
- आरुद्र दर्शनArudra Darshan
- बैसाखीBaisakhi
- बतुकम्माBathukamma
- भाई दूजBhai Dooj
- आट्टुकाल पोंगालाAttukal Pongala
- भीष्म अष्टमीBhishma Ashtami
- भोगीBhogi
- बोहाग बिहूBohag Bihu
- बुद्ध पूर्णिमाBuddha Purnima
- चैत्र नवरात्रिChaitra Navratri
- चेटी चंडCheti Chand
- छठ पूजाChhath Puja
- दही हांडीDahi Handi
- दत्तात्रेय जयंतीDattatreya Jayanti
- देव दीपावलीDev Deepawali
- देवउठनी एकादशीDev Uthani Ekadashi
- धनतेरसDhanteras
- दीपावलीDiwali / Lakshmi Puja
- दुर्गा अष्टमीDurga Ashtami
- दशहराDussehra / Vijayadashami
- गणेश चतुर्थीGanesh Chaturthi
- गणेश जयंतीGanesh Jayanti
- गंगा दशहराGanga Dussehra
- गंगा सप्तमीGanga Saptami
- गणगौरGangaur
- गीता जयंतीGita Jayanti
- गोपाष्टमीGopashtami
- गोवर्धन पूजाGovardhan Puja
- गुरु गोबिंद सिंह जयंतीGuru Gobind Singh Jayanti
- गुरु नानक जयंतीGuru Nanak Jayanti
- गुरु पूर्णिमाGuru Purnima
- हनुमान जयंतीHanuman Jayanti
- हरियाली तीजHariyali Teej
- हरतालिका तीजHartalika Teej
- होलाष्टकHolashtak
- होलीHoli
- जगद्धात्री पूजाJagaddhatri Puja
- जामाई षष्ठीJamai Shashthi
- जानकी जयंतीJanaki Jayanti
- कबीर जयंतीKabir Jayanti
- कालभैरव जयंतीKalabhairav Jayanti
- काली पूजाKali Puja
- कल्कि जयंतीKalki Jayanti
- कार्तिगई दीपमKarthigai Deepam
- कार्तिक पूर्णिमाKartik Purnima
- करवा चौथKarva Chauth
- काति बिहूKati Bihu
- खरमासKharmas
- कोजागरी लक्ष्मी पूजाKojagari Lakshmi Puja
- कृष्ण जन्माष्टमीKrishna Janmashtami
- कूर्म जयंतीKurma Jayanti
- लाभ पंचमीLabh Panchami
- ललिता पंचमीLalita Panchami
- लोहड़ीLohri
- माघ बिहूMagh Bihu
- माघ पूर्णिमाMagha Purnima
- महा नवमीMaha Navami
- महा सप्तमीMaha Saptami
- महाशिवरात्रिMaha Shivaratri
- महालया अमावस्याMahalaya Amavasya
- महावीर जयंतीMahavir Jayanti
- मकर संक्रांतिMakar Sankranti
- मकरविलक्कुMakaravilakku
- मासी मगमMasi Magam
- मत्स्य जयंतीMatsya Jayanti
- मट्टू पोंगलMattu Pongal
- मौनी अमावस्याMauni Amavasya
- नाग पंचमीNag Panchami
- नरक चतुर्दशीNarak Chaturdashi
- नरसिंह जयंतीNarasimha Jayanti
- नवरेहNavreh
- नुआखाईNuakhai
- ओणमOnam
- पंगुनी उत्तिरमPanguni Uttiram
- परशुराम जयंतीParshuram Jayanti
- पौष पूर्णिमाPaush Purnima
- फुलेरा दूजPhulera Dooj
- पितृ पक्षPitru Paksha
- पोहेला बोइशाखPohela Boishakh
- पोळाPola
- पुथांडुPuthandu
- पोंगलPongal
- राधा अष्टमीRadha Ashtami
- रक्षाबंधनRaksha Bandhan
- राम नवमीRam Navami
- रंग पंचमीRang Panchami
- रंगवाली होलीRangwali Holi
- रथ सप्तमीRatha Saptami
- शनि जयंतीShani Jayanti
- शंकराचार्य जयंतीShankaracharya Jayanti
- शारदीय नवरात्रिSharad Navratri
- शरद पूर्णिमाSharad Purnima
- सीता नवमीSita Navami
- स्नान पूर्णिमाSnana Purnima
- सूरसंहारम्Soorasamharam
- सुब्रमण्य षष्ठीSubramanya Shashti
- थाईपूसमThaipusam
- त्रिशूर पूरमThrissur Pooram
- तुलसी विवाहTulsi Vivah
- तुलसीदास जयंतीTulsidas Jayanti
- उगादि / गुड़ी पड़वाUgadi / Gudi Padwa
- उत्तरायणUttarayan
- वैकासी विशाकमVaikasi Visakam
- वैकुंठ एकादशीVaikuntha Ekadashi
- वाल्मीकि जयंतीValmiki Jayanti
- वामन जयंतीVamana Jayanti
- वराह जयंतीVaraha Jayanti
- वसंत पंचमीVasant Panchami
- विषुVishu
- विश्वकर्मा पूजाVishwakarma Puja
- विवाह पंचमीVivah Panchami