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हिंदू त्योहार · Hartalika Teej

हरतालिका तीज

अगली तिथि गुरुवार, 2 सितंबर 2027 · भाद्रपद शुक्ल तृतीया (pradosh)

तिथि / समयभाद्रपद शुक्ल तृतीया
देवताशिव-पार्वती
पालननिर्जला व्रत
कहाँउत्तर भारत, महाराष्ट्र, कर्नाटक

हरतालिका तीज 2026 की तिथियाँ

हरतालिका तीज
रविवार, 13 सितंबर 2026भाद्रपद शुक्ल तृतीया (pradosh)

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।

हरतालिका तीज: महत्व और कथा

हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन का व्रत निर्जला रखा जाता है, अर्थात् जल ग्रहण किए बिना। यह पर्व मुख्य रूप से उत्तर भारत, महाराष्ट्र और कर्नाटक में प्रचलित है।

परंपरा के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। हरतालिका नाम की व्युत्पत्ति को लेकर अलग-अलग मान्यताएँ हैं — कुछ स्थानों पर यह "हरित" और "आलिका" से जुड़ी मानी जाती है, जो सखियों द्वारा पार्वती को वन में ले जाने की कथा से संबंधित है। इस व्रत में शिव-पार्वती की संयुक्त उपासना की जाती है।

यह व्रत मुख्यतः विवाहित स्त्रियाँ अपने वैवाहिक जीवन की स्थिरता के लिए और अविवाहित कन्याएँ उत्तम वर की कामना से करती हैं। ध्यान रहे कि यह एक धार्मिक परंपरा है; इसका पालन श्रद्धा और विधि के अनुसार किया जाता है, और किसी व्यक्तिगत जीवन-परिणाम की गारंटी नहीं होती।

तिथि कैसे निर्धारित होती है

हरतालिका तीज की तिथि पंचांग के अनुसार तय होती है। यह भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है, लेकिन ठीक ग्रेगोरियन तारीख हर वर्ष पंचांग से गणना करके निकाली जाती है। इस पृष्ठ पर वर्ष-वार तिथियाँ डेटाबेस से दिखाई जाती हैं।

हिंदू पर्व तिथि, नक्षत्र या सूर्य के राशि-प्रवेश के आधार पर मनाए जाते हैं। इसी कारण एक ही पर्व अलग-अलग शहरों में एक दिन आगे-पीछे हो सकता है। साथ ही, अमांत और पूर्णिमांत पंचांग पद्धतियों के बीच भी तिथि में अंतर दिख सकता है।

इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय तथा लाहिरी अयनांश के आधार पर गणना की जाती हैं। यदि आप किसी अन्य स्थान पर हैं, तो वहाँ की स्थानीय पंचांग-गणना के अनुसार तिथि में एक दिन का अंतर संभव है। अपने निजी जीवन या मुहूर्त से जुड़े प्रश्नों के लिए योग्य ज्योतिषी से परामर्श करना उचित रहता है।

पूजा विधि

हरतालिका तीज के व्रत की विधि क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकती है। सामान्यतः निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है:

व्रत की विधि, पारण का समय और पूजन की सामग्री स्थानीय परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकती है। किसी भी व्रत को करने से पहले अपने परिवार की परंपरा और अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखें। निर्जला व्रत कठिन होता है; इसे अपनी सामर्थ्य के अनुसार ही करें।

क्षेत्रीय भिन्नताएँ

हरतालिका तीज मुख्य रूप से उत्तर भारत, महाराष्ट्र और कर्नाटक में मनाई जाती है। इन क्षेत्रों में नाम, विधि और पूजन की परंपराएँ कुछ भिन्न हो सकती हैं।

उत्तर भारत में यह व्रत विशेष रूप से विवाहित स्त्रियों द्वारा शिव-पार्वती की उपासना के साथ किया जाता है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, हालाँकि स्थानीय

हरतालिका तीज 2027 की तिथियाँ

हरतालिका तीज
गुरुवार, 2 सितंबर 2027भाद्रपद शुक्ल तृतीया (pradosh)

हरतालिका तीज 2028 की तिथियाँ

हरतालिका तीज
मंगलवार, 22 अगस्त 2028भाद्रपद शुक्ल तृतीया (pradosh)

प्रश्न

हरतालिका तीज 2027 में कब है?

हरतालिका तीज गुरुवार, 2 सितंबर 2027 (भाद्रपद शुक्ल तृतीया (pradosh)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।

हरतालिका तीज कब है?

हरतालिका तीज भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।

हरतालिका तीज कहाँ मनाया जाता है?

उत्तर भारत, महाराष्ट्र, कर्नाटक।

अलग-अलग पंचांगों में हरतालिका तीज की तारीख़ क्यों बदल सकती है?

हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।

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