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हिंदू त्योहार · Bhai Dooj

भाई दूज

अगली तिथि बुधवार, 11 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल द्वितीया (sunrise)

तिथि / समयकार्तिक शुक्ल द्वितीया
देवतायम / यमुना
पालनभाई को तिलक
कहाँउत्तर भारत, महाराष्ट्र, नेपाल

भाई दूज 2026 की तिथियाँ

भाई दूज
बुधवार, 11 नवंबर 2026कार्तिक शुक्ल द्वितीया (sunrise)

स्विस एफेमेरिस (लाहिरी) से नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए गणना। दूसरे शहरों में, और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों में, तारीख़ एक दिन बदल सकती है।

भाई दूज: अर्थ, तिथि और पूजा विधि

भाई दूज का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह दिन भाई-बहन के पवित्र संबंध को समर्पित है, जिसमें बहन भाई के माथे पर तिलक करती है और भाई की दीर्घायु तथा कल्याण की कामना करती है। इस पर्व को यम द्वितीया भी कहा जाता है, क्योंकि इसका संबंध यमराज और यमुना से माना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से उत्तर भारत, महाराष्ट्र और नेपाल में प्रचलित है।

महत्व और कथा

परंपरा के अनुसार भाई दूज का संबंध यमराज और उनकी बहन यमुना से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि यमुना ने अपने भाई यमराज का आतिथ्य किया और उनके माथे पर तिलक लगाया। इसी स्नेह और आशीर्वाद की परंपरा को भाई दूज के रूप में स्मरण किया जाता है। यह पर्व इस बात का प्रतीक है कि बहन का स्नेह और आशीर्वाद भाई के लिए रक्षा और मंगल का भाव लेकर आता है, और भाई का कर्तव्य बहन की रक्षा तथा सम्मान है।

इस दिन यमराज और यमुना दोनों की पूजा का विधान परंपरा में मिलता है। यह दिन केवल एक सामाजिक मिलन नहीं, बल्कि पारिवारिक स्नेह को स्मरण करने और उसे आशीर्वाद के रूप में व्यक्त करने का अवसर माना जाता है।

तिथि कैसे निर्धारित होती है

भाई दूज की तिथि कार्तिक शुक्ल द्वितीया से तय होती है। हिंदू पर्व तिथि, नक्षत्र या सूर्य के संक्रमण के आधार पर मनाए जाते हैं, इसलिए ये तिथियाँ स्थान के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं। अमांत और पूर्णिमांत पंचांगों के अनुसार भी तिथि में अंतर दिखाई दे सकता है। इस कारण एक ही पर्व अलग-अलग शहरों में अलग दिन पड़ सकता है।

इस पृष्ठ पर दी गई तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय तथा लाहिरी अयनांश के आधार पर गणना की गई हैं। किसी अन्य स्थान के लिए वहाँ के स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषी से पुष्टि करना उचित होता है। भाई दूज का पूजा मुहूर्त भी द्वितीया तिथि के स्थानीय समय पर निर्भर करता है, इसलिए पूजा से पहले स्थानीय पंचांग देख लेना अच्छा माना जाता है।

पूजा विधि

भाई दूज की पूजा का मुख्य अंग बहन द्वारा भाई के माथे पर तिलक करना है। परंपरागत विधि सरल और घरेलू होती है:

पूजा का समय और विधि हर परिवार में थोड़ी भिन्न हो सकती है। कहीं तिलक दिन में किया जाता है, तो कहीं संध्या के समय। इसलिए अपने कुल की परंपरा और स्थानीय पंचांग का पालन करना सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है।

क्षेत्रीय भिन्नताएँ

भाई दूज को अलग-अलग क्षेत्रों में अलग नाम और रूप में मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे भाई दूज या यम द्वितीया कहा जाता है। महाराष्ट्र में यह भाऊबीज के रूप में प्रचलित है, जहाँ बहन भाई के माथे पर तिलक करती है और उसकी लंबी आयु की कामना करती है। नेपाल में इसे भाई टीका के नाम से जाना जाता है, जहाँ यह पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है।

भाई दूज 2027 की तिथियाँ

भाई दूज
रविवार, 31 अक्टूबर 2027कार्तिक शुक्ल द्वितीया (sunrise)

भाई दूज 2028 की तिथियाँ

भाई दूज
गुरुवार, 19 अक्टूबर 2028कार्तिक शुक्ल द्वितीया (sunrise)

प्रश्न

भाई दूज 2026 में कब है?

भाई दूज बुधवार, 11 नवंबर 2026 (कार्तिक शुक्ल द्वितीया (sunrise)) को है; गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के लिए।

भाई दूज कब है?

भाई दूज कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है; हर वर्ष की सटीक तारीख़ पंचांग से गणना करके इसी पृष्ठ पर दी जाती है।

भाई दूज कहाँ मनाया जाता है?

उत्तर भारत, महाराष्ट्र, नेपाल।

अलग-अलग पंचांगों में भाई दूज की तारीख़ क्यों बदल सकती है?

हिंदू त्योहार किसी स्थान पर तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रांति से तय होते हैं, इसलिए शहरों के बीच और अमांत व पूर्णिमांत पंचांगों के बीच एक दिन का अंतर हो सकता है। यहाँ तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय और लाहिरी अयनांश से हैं।

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