मंत्र · Ganesh Gayatri
गणेश गायत्री
मूल पाठ (संस्कृत)
लिप्यंतरण (IAST)
अर्थ
हम एकदंत को जानें, वक्रतुंड का ध्यान करें; वे दंती (गणेश) हमें प्रेरित करें।
Meaning
May we know the one-tusked; we meditate on the curved-trunked; may the tusked one inspire us.
| देवता | गणेश |
|---|---|
| प्रकार | गायत्री मंत्र |
| स्रोत | महानारायण उपनिषद; गणपति अथर्वशीर्ष |
| भाषा | संस्कृत |
| जप संख्या | 108 |
| कब | बुधवार, चतुर्थी; नए काम से पहले |
| कैसे | स्नान के बाद पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें और 108 मनकों की माला (रुद्राक्ष या तुलसी) पर जप करें; एक माला = 108 बार। |
प्रश्न
गणेश गायत्री का अर्थ क्या है?
हम एकदंत को जानें, वक्रतुंड का ध्यान करें; वे दंती (गणेश) हमें प्रेरित करें।
गणेश गायत्री का जप कितनी बार करना चाहिए?
108।
गणेश गायत्री का जप कब किया जाता है?
बुधवार, चतुर्थी; नए काम से पहले।
गणेश गायत्री कहाँ से लिया गया है?
महानारायण उपनिषद; गणपति अथर्वशीर्ष।
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