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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
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मंत्र · Sarve Bhavantu Sukhinah

सर्वे भवन्तु सुखिनः

मूल पाठ (संस्कृत)

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ।सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥

लिप्यंतरण (IAST)

sarve bhavantu sukhinaḥ sarve santu nirāmayāḥ |sarve bhadrāṇi paśyantu mā kaścid duḥkhabhāg bhavet ||

अर्थ

सभी सुखी हों, सभी रोगमुक्त हों, सभी मंगल देखें, कोई भी दुःख का भागी न बने।

Meaning

May all be happy; may all be free from illness; may all see what is good; may no one have a share in sorrow.

देवता—
प्रकारशांति मंत्र
स्रोतपारंपरिक शांति श्लोक
भाषासंस्कृत
जप संख्या1
कबप्रार्थना या पूजा के अंत में
कैसेज़ोर से पाठ, प्रायः आरती के बाद।

प्रश्न

सर्वे भवन्तु सुखिनः का अर्थ क्या है?

सभी सुखी हों, सभी रोगमुक्त हों, सभी मंगल देखें, कोई भी दुःख का भागी न बने।

सर्वे भवन्तु सुखिनः का जप कितनी बार करना चाहिए?

1।

सर्वे भवन्तु सुखिनः का जप कब किया जाता है?

प्रार्थना या पूजा के अंत में।

सर्वे भवन्तु सुखिनः कहाँ से लिया गया है?

पारंपरिक शांति श्लोक।

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