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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
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मंत्र · Tvameva Mata Cha Pita Tvameva

त्वमेव माता च पिता त्वमेव

मूल पाठ (संस्कृत)

त्वमेव माता च पिता त्वमेव ।त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ।त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव ।त्वमेव सर्वं मम देव देव ॥

लिप्यंतरण (IAST)

tvam eva mātā ca pitā tvam eva |tvam eva bandhuś ca sakhā tvam eva |tvam eva vidyā draviṇaṁ tvam eva |tvam eva sarvaṁ mama deva deva ||

अर्थ

तुम ही माता हो, तुम ही पिता हो; तुम ही बंधु और सखा हो; तुम ही विद्या और धन हो; हे देवों के देव, तुम ही मेरे सब कुछ हो।

Meaning

You alone are mother and father; you alone are kin and friend; you alone are knowledge and wealth; you are my all, O God of gods.

देवतापरमात्मा
प्रकारश्लोक
स्रोतपांडव गीता (पारंपरिक)
भाषासंस्कृत
जप संख्या1
कबदैनिक प्रार्थना या आरती के अंत में
कैसेहाथ जोड़कर पाठ।

प्रश्न

त्वमेव माता च पिता त्वमेव का अर्थ क्या है?

तुम ही माता हो, तुम ही पिता हो; तुम ही बंधु और सखा हो; तुम ही विद्या और धन हो; हे देवों के देव, तुम ही मेरे सब कुछ हो।

त्वमेव माता च पिता त्वमेव का जप कितनी बार करना चाहिए?

1।

त्वमेव माता च पिता त्वमेव का जप कब किया जाता है?

दैनिक प्रार्थना या आरती के अंत में।

त्वमेव माता च पिता त्वमेव कहाँ से लिया गया है?

पांडव गीता (पारंपरिक)।

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