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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
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मंत्र · Purnamadah Purnamidam

पूर्णमदः पूर्णमिदम्

मूल पाठ (संस्कृत)

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते ।पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

लिप्यंतरण (IAST)

oṁ pūrṇam adaḥ pūrṇam idaṁ pūrṇāt pūrṇam udacyate |pūrṇasya pūrṇam ādāya pūrṇam evāvaśiṣyate ||oṁ śāntiḥ śāntiḥ śāntiḥ ||

अर्थ

वह पूर्ण है, यह पूर्ण है; पूर्ण से ही पूर्ण उत्पन्न होता है। पूर्ण में से पूर्ण निकाल लेने पर भी पूर्ण ही शेष रहता है। ॐ शांति, शांति, शांति।

Meaning

That is whole; this is whole. From the whole, the whole arises. Taking the whole from the whole, the whole alone remains. Om, peace, peace, peace.

देवताब्रह्म
प्रकारशांति मंत्र
स्रोतईशावास्य उपनिषद (शांति पाठ); बृहदारण्यक उपनिषद 5.1.1
भाषासंस्कृत
जप संख्या1
कबउपनिषद अध्ययन के आरंभ में; प्रातः प्रार्थना
कैसेज़ोर से पाठ।

प्रश्न

पूर्णमदः पूर्णमिदम् का अर्थ क्या है?

वह पूर्ण है, यह पूर्ण है; पूर्ण से ही पूर्ण उत्पन्न होता है। पूर्ण में से पूर्ण निकाल लेने पर भी पूर्ण ही शेष रहता है। ॐ शांति, शांति, शांति।

पूर्णमदः पूर्णमिदम् का जप कितनी बार करना चाहिए?

1।

पूर्णमदः पूर्णमिदम् का जप कब किया जाता है?

उपनिषद अध्ययन के आरंभ में; प्रातः प्रार्थना।

पूर्णमदः पूर्णमिदम् कहाँ से लिया गया है?

ईशावास्य उपनिषद (शांति पाठ); बृहदारण्यक उपनिषद 5.1.1।

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