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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
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मंत्र · Saraswati Vandana (Ya Kundendu)

सरस्वती वंदना (या कुन्देन्दु)

मूल पाठ (संस्कृत)

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता ।या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना ।या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता ।सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥

लिप्यंतरण (IAST)

yā kundendu-tuṣāra-hāra-dhavalā yā śubhra-vastrāvṛtā |yā vīṇā-vara-daṇḍa-maṇḍita-karā yā śveta-padmāsanā |yā brahmācyuta-śaṅkara-prabhṛtibhir devaiḥ sadā vanditā |sā māṁ pātu sarasvatī bhagavatī niḥśeṣa-jāḍyāpahā ||

अर्थ

जो कुंद के फूल, चंद्रमा, हिम और मोतियों के हार के समान धवल हैं, जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ वीणा से सुशोभित हैं, जो श्वेत कमल पर विराजमान हैं, जिनकी ब्रह्मा, विष्णु, शंकर आदि देवता सदा वंदना करते हैं — वे समस्त जड़ता दूर करने वाली भगवती सरस्वती मेरी रक्षा करें।

Meaning

She who is white as jasmine, the moon, snow and a string of pearls, who is clothed in white, whose hands are graced by the veena, who is seated on a white lotus, who is ever worshipped by Brahma, Vishnu, Shiva and the other gods — may that goddess Saraswati, who removes all dullness, protect me.

देवतासरस्वती
प्रकारस्तोत्र
स्रोतपारंपरिक सरस्वती स्तुति (सरस्वती स्तोत्र)
भाषासंस्कृत
जप संख्या1
कबवसंत पंचमी; विद्यालय की प्रार्थना सभा; अध्ययन से पहले
कैसेहाथ जोड़कर पाठ या गायन।

प्रश्न

सरस्वती वंदना (या कुन्देन्दु) का अर्थ क्या है?

जो कुंद के फूल, चंद्रमा, हिम और मोतियों के हार के समान धवल हैं, जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ वीणा से सुशोभित हैं, जो श्वेत कमल पर विराजमान हैं, जिनकी ब्रह्मा, विष्णु, शंकर आदि देवता सदा वंदना करते हैं — वे समस्त जड़ता दूर करने वाली भगवती सरस्वती मेरी रक्षा करें।

सरस्वती वंदना (या कुन्देन्दु) का जप कितनी बार करना चाहिए?

1।

सरस्वती वंदना (या कुन्देन्दु) का जप कब किया जाता है?

वसंत पंचमी; विद्यालय की प्रार्थना सभा; अध्ययन से पहले।

सरस्वती वंदना (या कुन्देन्दु) कहाँ से लिया गया है?

पारंपरिक सरस्वती स्तुति (सरस्वती स्तोत्र)।

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